संताल संस्कृति एकता का प्रतीक विद्यासागर यूनिवर्सिटी के सेमिनार में बोले यूसिल प्रबंधक

नरवा : संताल संस्कृति व परंपरा एकता का संदेश देती है. यह बात नरवा पहाड़ कॉलोनी के सीडीसी सेंटर में आइसीएसएसआर प्रोजेक्ट संताली विभाग के तहत विद्यासागर यूनिवर्सिटी मिदनापुर द्वारा आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार पर यूसिल के अपर प्रबंधक (कार्मिक) पीके नायक ने कही. उन्होंने कहा कि संताली परंपरा में अतिथियों के सत्कार करने […]

नरवा : संताल संस्कृति व परंपरा एकता का संदेश देती है. यह बात नरवा पहाड़ कॉलोनी के सीडीसी सेंटर में आइसीएसएसआर प्रोजेक्ट संताली विभाग के तहत विद्यासागर यूनिवर्सिटी मिदनापुर द्वारा आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार पर यूसिल के अपर प्रबंधक (कार्मिक) पीके नायक ने कही. उन्होंने कहा कि संताली परंपरा में अतिथियों के सत्कार करने के तरिके बहुत ही प्रभावशाली है. कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि श्री नायक ने दीप प्रज्वलित कर किया.

मौके पर प्रोजेक्ट के सह निदेशक दूली हेंब्रम, शांति निकेतन पश्चिम बंगाल के सहायक प्रोफेसर डॉ रामू हेंब्रम, सालबनी सरकारी कॉलेज के संताली विभाग के सहायक प्रोफेसर आम्पा कुमार हेंब्रम, आसनबनी तोरोफ परगना डोमजुड़ी के हरीपदो मुर्मू तथा जुगसलाई तोरोफ परगना दासमत हांसदा ने भी प्रोजेक्ट के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए संताली परंपरा व संस्कृति को बचाये रखने की बात कही. मौके पर दुर्गा प्रसाद मुर्मू, सुनाराम किस्कू, बुधराम हेंब्रम, लखन बास्के, मानु किस्कू, ठाकुर दास मुर्मू, रामदु बास्के, चुनुराम सोरेन, देव सरण बास्के, आरसी मार्डी, सुधीर सोरेन आदि उपस्थित थे.

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