मधुमक्खी के हमले में 18 जख्मी
हाजिरी बनाकर ड्यूटी के लिए खदान में जाने के क्रम में मधुमक्खियों ने कर्मचारियों पर हमला कर दिया. इससे फोर शॉफ्ट में अफरा-तफरी मच गयी.
मुसाबनी : सुरदा माइंस परिसर स्थित पीपल पेड़ पर लगा मधुमक्खी का छत्त सोमवार की सुबह तेज हवा के कारण जमीन पर गिर गया. इसके बाद मधुमक्खियों ने सुबह पाली की ड्यूटी में जा रहे सुरदा शॉफ्ट फोर के कर्मचारियों पर हमला कर दिया. मधुमक्खियों के काटने से डेढ़ दर्जन कर्मचारी घायल हो गये. व कई बेहोश हो गये. हमला होते ही कर्मचारी व अधिकारी इधर-उधर भागने लगे. इस क्रम में कई जमीन गिर गये.
माइंस प्रबंधन ने घायल कर्मचारियों को एंबुलेंस से सुरदा डिस्पेंसरी पहुंचाया. घायलों को कंपनी के अधिकारी धर्मेंद्र पाठक, मनोज हांसदा डिस्पेंसरी ले गये. यहां से गंभीर अवस्था में सोनाराम आइसीएमपीएल बैंच संख्या 44 को मऊभंडार वर्कस अस्पताल रेफर किया गया. यहां डॉक्टर की अनुपस्थिति में नर्स सारेन ओड़ेया और मेल नर्स उत्तम महाकुड़ ने घायलों का इलाज किया.
डिस्पेंसरी में डिस्पोजल सुई की कमी. अचानक डेढ़ दर्जन घायल सुरदा डिस्पेंसरी पहुंचे. वहां डिस्पोजल सिरींज नहीं थी. तत्काल बाजार से मंगाकर घायलों को इंजेक्शन दिया गया.
मधुमक्खी छत्ता हटाने की मांग. घटना के बाद मजदूरों ने डीजीएम (खान) नागेश शनॉय से शॉफ्ट के आस पास से मधुमक्खियों का छत्ता हटाने की मांग की है. इसके पूर्व में इस तरह की दो घटनाएं घटी थी. तब भी छत्त हटाने की मांग की गयी थी. कॉपर माइंस वर्कर्स यूनियन के शमशेर खान ने घायलों का हाल जाना.
