गुरु को इच्छा समर्पित करना ही दीक्षा

धालभूमगढ़ : धालभूमगढ़ के नरसिंहगढ़ राजबाड़ी परिसर में अखिल विश्व गायत्री परिवार के तत्वावधान में आयोजित तीन दिवसीय 24 कुंडीय गायत्री यज्ञ के दूसरे दिन सोमवार को प्रभात फेरी निकाली गयी. नरसिंहगढ़ राजबाड़ी परिसर प्रज्ञा पीठ से शुरू होकर विभिन्न मार्गों होते हुए प्रज्ञा पीठ पर समाप्त हुई. गायत्री प्रज्ञापीठ हरिद्वार के राम कुमार शुक्ला […]

धालभूमगढ़ : धालभूमगढ़ के नरसिंहगढ़ राजबाड़ी परिसर में अखिल विश्व गायत्री परिवार के तत्वावधान में आयोजित तीन दिवसीय 24 कुंडीय गायत्री यज्ञ के दूसरे दिन सोमवार को प्रभात फेरी निकाली गयी. नरसिंहगढ़ राजबाड़ी परिसर प्रज्ञा पीठ से शुरू होकर विभिन्न मार्गों होते हुए प्रज्ञा पीठ पर समाप्त हुई. गायत्री प्रज्ञापीठ हरिद्वार के राम कुमार शुक्ला ने यज्ञ स्थल पर श्रद्धालुओं को दीक्षा दी.

दीक्षा देने के पूर्व श्री शुक्ला ने कहा कि अपनी इच्छा गुरु को समर्पित करना ही दीक्षा है. दीक्षा लेने का मतलब गुरु की इच्छानुसार चलना है. गुरु के आदर्शों को अक्षरश: अनुपालन करना है. गुरु अपने जैसे सामर्थवान दीक्षित लोगों को बनाने का प्रयास करते हैं. दीक्षांत होने के बाद सामान्य नियम के मुताबिक प्रतिदिन तीन माला गायत्री मंत्र जपना जरूरी है. यह आत्म उन्नति कल्याण के लिए आवश्यक है. गुरु के लिए समय दान और अंश दान आवश्यक है.
प्रतिदिन आय के कुछ अंश गुरु के अंशदान करें. जहां गायत्री यज्ञ का आयोजन हो. वहां पर योगदान अवश्य करें. इसके बाद उन्होंने गायत्री मंत्रों के साथ सामूहिक रूप से पुरुष और महिलाओं को
दीक्षा दी. यज्ञ और दीक्षा दान समारोह को सुचारू रूप से चलाने में अंजनी कुमार, लालू भाई, जमशेदपुर शक्ति पीठ के डॉ अमर कुमार, संतोष कुमार, कपिल देव शर्मा, सरोज देवी, मनोरमा कुमारी, शारदा देवी, पवित्र साहु, देवेंद्र नाथ महतो, जितेन महतो, गुरू देव महतो आदि उपस्थित थे. यज्ञ की पूर्णाहुति 29 मार्च को होगी.

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