जिंदगी और मौत से जूझ रही मुसाबनी की चांदो सबर

मुसाबनी : पारूलिया के सितुमपाल टोला की चांदो सबर (46) जिंदगी और मौत से जूझ रही है. चांदो सबर पिछले कुछ माह से बीमार है. उसका समय पर उचित इलाज नहीं होने से उसकी हालत बिगड़ गयी. उसे सीएचसी में भर्ती कराया गया है. डॉक्टर उसका इलाज कर रहे हैं. उसकी पुत्री मंगली के अनुसार […]

मुसाबनी : पारूलिया के सितुमपाल टोला की चांदो सबर (46) जिंदगी और मौत से जूझ रही है. चांदो सबर पिछले कुछ माह से बीमार है. उसका समय पर उचित इलाज नहीं होने से उसकी हालत बिगड़ गयी. उसे सीएचसी में भर्ती कराया गया है. डॉक्टर उसका इलाज कर रहे हैं.

उसकी पुत्री मंगली के अनुसार चांदो सबर पिछले दो माह से बुखार से पीड़ित है. गरीबी तथा लाचारी के कारण उसका इलाज समय पर नहीं हो पाया. पति लखन सबर मजदूरी कर परिवार चलाता है. उसके परिवार में बेटी सुनिता सबर (9) भी बीमार है. डॉक्टर ने उसे बेहतर इलाज के लिए एमजीएम रेफर किया है. लखन अपनी बीमार बेटी सुनिता सबर को लेकर इलाज कराने एमजीएम गया है.

मूलभूत सुविधा से वंचित हैं सबर :
सितुमपाल के करीब एक दर्जन सबर परिवार शंख नदी के किनारे रहते हैं. यहां के सबर मुलभूत सुविधा से वंचित हैं. आवास, पेयजल समेत कई सुविधा नहीं है. सबर शंख नदी के पानी पीते हैं तथा झोपड़ी में रहते हैं.

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