एक माह तक नहीं नहाते हैं स्वराजगाड़िया के ग्रामीण

टोला में सिर्फ दो कुआं है. इसमें एक कुंआ का पानी सूख गया है और दूसरा सूखने के कगार पर है टोला में मनरेगा के तहत कोई काम भी नहीं हुआ है डुमरिया : डुमरिया प्रखंड की बांकीशोल पंचायत के कुंडालुका गांव के स्वाराजगाड़िया टोला के ग्रामीण एक-एक माह तक नहीं नहाते हैं. यह शौक […]

टोला में सिर्फ दो कुआं है. इसमें एक कुंआ का पानी सूख गया है और दूसरा सूखने के कगार पर है

टोला में मनरेगा के तहत कोई काम भी नहीं हुआ है
डुमरिया : डुमरिया प्रखंड की बांकीशोल पंचायत के कुंडालुका गांव के स्वाराजगाड़िया टोला के ग्रामीण एक-एक माह तक नहीं नहाते हैं. यह शौक या फिर कोई आदत नहीं है. ऐसी स्थिति इसलिए है कि सरकारी उपेक्षा से यहां जल संकट है. ग्रामीणों को पेयजल के लिए परेशानी उठानी पड़ रही है. नहाने की बात कौन करे. इस टोला में 18 आदिवासी परिवार निवास करते हैं. टोला में पेयजल के लिए आज तक एक भी चापाकल नहीं लगा है. टोला में दो कुआं है. एक कुंआ का पानी सूख गया है. दूसरा कुआं भी सूखने के कगार पर है.
इसी कुआं से ग्रामीण बड़ी मुश्किल से पेयजल प्राप्त करते हैं और मवेशियों को पानी पिलाते हैं. आसपास में कहीं तालाब नहीं है. ऐसे में भला ग्रामीण नहाये कैसे? ग्रामीण के प्रकाश लेयांगी, बुधनी कुदादा, सामु देवगम, प्रकाश लेयांगी, मनी देवगम, रमेश कुदादा ने दुखड़ा बताते हुए कहा कि पीने के लिए पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा है.
पानी के अभाव में ग्रामीण एक माह तक नहाते नहीं हैं. चापानल के लिए कई बार संबंधित विभाग से कहा गया, परंतु अब तक टोला में एक भी चापाकल नहीं लगा है.
ग्रामीणों ने कहा कि मवेशियों को पानी पिलाने के लिए भी उन्हें कुआं से पानी लेना पड़ता है. टोला में मनरेगा के तहत कोई काम भी नहीं हुआ है. कुछ दिनों पूर्व टोला में बिजली पहुंची है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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