ज्ञान का खजाना व जीते-जागते इतिहास हैं हमारे बुजुर्ग

घाटशिला : घाटशिला के संतनंदलाल स्मृति विद्या मंदिर में मंगलवार को प्राइमरी विंग में आयोजित दादा-दादी, नाना-नानी मिलन समारोह में स्कूल के उप प्राचार्य संजय कुमार मल्लिक ने कहा कि बुजुर्ग अनुभव और ज्ञान का खजाना हैं. वे जीते-जागते इतिहास हैं. हमें वे सहजता और सरलता से उपलब्ध हैं. मगर हम उन्हें व्यस्तता के दौर […]

घाटशिला : घाटशिला के संतनंदलाल स्मृति विद्या मंदिर में मंगलवार को प्राइमरी विंग में आयोजित दादा-दादी, नाना-नानी मिलन समारोह में स्कूल के उप प्राचार्य संजय कुमार मल्लिक ने कहा कि बुजुर्ग अनुभव और ज्ञान का खजाना हैं. वे जीते-जागते इतिहास हैं. हमें वे सहजता और सरलता से उपलब्ध हैं. मगर हम उन्हें व्यस्तता के दौर में खोते जा रहे हैं.

स्कूल की शिक्षिका सुजाता वर्मा ने स्वागत भाषण में इस कार्यक्रम के औचित्य और आवश्यकता पर प्रकाश डाला. सौमिता सनातनी और मीना सिंह ने गीत प्रस्तुत किया.
विद्यार्थियों ने कविता सुनायी. विद्यार्थियों ने दादा-दादी, नानी-नानी को ग्रीटिंग्स कार्ड और गुलाब फूल देकर स्नेह दर्शाया. बुजुर्गों को उनके बचपन और युवावस्था का स्मरण कराते हुए कैटवॉक तथा अन्य खेलों का आयोजन हुआ. इसमें बुजुर्गों ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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