बामडोल से महुलडांगरी तक सुरक्षात्मक कार्य

बहरागोड़ा : बहरागोड़ा के बामडोल से महुलडांगरी तक सुवर्णरेखा नदी की बाढ़ से बचाव के लिए बाढ़ सुरक्षात्मक कार्य होंगे. यह योजना इसी वित्तीय वर्ष में स्वीकृत होगी. विधायक कुणाल षाड़ंगी ने विधानसभा में तारांकित प्रश्न के तहत सरकार ने यह जवाब दिया है. विधायक ने अपने प्रश्न में पूछा कि सुवर्णरेखा नदी के किनारे […]

बहरागोड़ा : बहरागोड़ा के बामडोल से महुलडांगरी तक सुवर्णरेखा नदी की बाढ़ से बचाव के लिए बाढ़ सुरक्षात्मक कार्य होंगे. यह योजना इसी वित्तीय वर्ष में स्वीकृत होगी. विधायक कुणाल षाड़ंगी ने विधानसभा में तारांकित प्रश्न के तहत सरकार ने यह जवाब दिया है.

विधायक ने अपने प्रश्न में पूछा कि सुवर्णरेखा नदी के किनारे बसे चाकुलिया के श्यामसुंदरपुर और बहरागोड़ा के बामडोल और महुलडांगरी गांव कटाव से विलुप्त होने की कगार पर हैं. क्या यह सही है कि सरकार ने तटबंध निर्माण के लिए सर्वे और प्राक्कन तैयार करवाया है.जवाब में कहा गया कि राज्य तकनीकि सलाहकार समिति की अनुशंसा पर योजना समीक्षा समिति ने बामडोल से महुलडांगरी तक बाढ़ सुरक्षात्मक कार्य की सहमति प्रदान की है.

कटाव का इतिहास : बहरागोड़ा मेंसुवर्णरेखा नदी के कटाव से अब तक कई गांव विलुप्त हो चुके हैं. लगभग 2000 एकड़ खेत का कटाव हो गया है अब वह भूमि ओड़िशा के कब्जे में हैं.जबकि खेत का खजाना आज भी यहां के किसान देते हैं. इस मसले पर दोनों राज्यों की सरकारों के बीच कई चरण में बातचीत हुई. मगर निदान नहीं निकला. इधर, सुवर्णरेखा नदी की धार से महुलडांगरी की ओर कटाव जारी है. हर साल अनेक खेत कटाव से मिट्टी में समां जाते हैं. साथ ही हर साल बाढ़ भी आती है. पूर्व में ही महुलडांगरी के पास बाढ़ सुरक्षात्मक कार्य की स्वीकृति हुई थी. परंतु यह योजना अधूरी रह गयी. इससे यहां किसान हर साल बाढ़ का दंश झेलते हैं.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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