शाखा और लघु शाखा नहर निर्माण के लिए करोड़ों की लागत से तेजी से चल रहा काम
गालूडीह : सुवर्णरेखा बहुद्देशीय परियोजना के मुख्य बायीं नहर में खरीफ की खेती के समय चांडिल डैम से पानी छोड़ा जायेगा, ताकि किसान खरीफ की खेती में नहर के पानी से पटवन कर सकें. मुख्य बायीं नहर के अधूरे कामों को पूरा करने के साथ-साथ शाखा और लघु शाखा नहर का निर्माण किया जा रहा है. परियोजना सूत्रों के अनुसार कई करोड़ की लागत से विभिन्न जगहों पर शाखा और लघु शाखा नहर का निर्माण कार्य चल रहा है.
खरीफ खेती के पूर्व नहरों को पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, ताकि किसानों के खेत तक नहर का पानी जा सके. हालांकि विगत वर्ष भी खरीफ में नहर में पानी छोड़ा गया था. नहर के पानी के कारण उत्तरी इलाके के किसानों को सूखे से राहत मिली थी. जानकारी हो कि चांडिल बंगाल सीमा तक मुख्य बायीं नहर की लंबाई 127 किमी है. इस नहर में चांडिल डैम से पानी छोड़ा जाता है. बायीं नहर से ही शाखा और लघु शाखा नहरों में पानी आता है. इससे किसानों को सिंचाई सुविधा मिलती है.
