तीन सबरों का नौ माह से सुराग नहीं

गालूडीह : गालूडीह थाना क्षेत्र के पाटमहुलिया से रोजगार करने तमिलनाडु पलायन करने वाले रवि सिंह नामक एक मजदूर की मौत हो जाने से पलायन का मामला एक बार फिर गरमा गया है. रवि सिंह के परिजनों का हाल बेहाल है.... अब तक उसकी लाश गांव नहीं पहुंची थी. इधर घाटशिला प्रखंड की हेंदलजुड़ी पंचायत […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | July 16, 2013 1:38 PM

गालूडीह : गालूडीह थाना क्षेत्र के पाटमहुलिया से रोजगार करने तमिलनाडु पलायन करने वाले रवि सिंह नामक एक मजदूर की मौत हो जाने से पलायन का मामला एक बार फिर गरमा गया है. रवि सिंह के परिजनों का हाल बेहाल है.

अब तक उसकी लाश गांव नहीं पहुंची थी. इधर घाटशिला प्रखंड की हेंदलजुड़ी पंचायत स्थित सबर बहुल हलुदबनी गांव से कई सबर भी रोजगार के लिए जून 2012 में तमिलनाडु गये थे.

इनमें से तीन सबर अब भी वहां हैं. उक्त सबर युवक जिस बोरिंग गाड़ी में काम कर रहे हैं. उसके मालिक सबरों को घर लौटने नहीं दे रहा है. उन्हें मजदूरी भी नहीं दी जा रही है. पैसे नहीं होने के कारण तीन सबर नहीं चाहते हुए भी तमिलनाडु में बंधक बने हैं और मालिक के इशारे में मजदूरी कर रहे हैं.

हलुदबनी निवासी गाड़दूम सबर के पुत्र सुनील सबर, रवि सबर के पुत्र कार्तिक सबर और दामाद मंगल सबर, पलटन सबर के पुत्र बनिया सबर और रिंटू सबर जून माह में काम करने तमिलनाडु गये थे. इसमें दो सबर लौट आये हैं, जबकि बनिया सबर समेत तीन अब तक नहीं लौटे हैं.

तमिलनाडु गये सबरों के पिता पलटन सबर ने कहा कि हम लोगों से फोन पर पहले बात हुई थी. कहा गया था कि जिस बोरिंग गाड़ी में हमारे बेटे काम कर रहे हैं, उसका मालिक मजदूरी नहीं दे रहा है. इसके कारण वे लोग पैसे के अभाव में घर लौट नहीं पा रहे हैं. वहां मालिक जो कह रहा है वह नहीं चाहते हुए करना पड़ रहा है.