मुसाबनी.
यूरेनियम कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (यूसीआइएल) के जादूगोड़ा माइंस सभा कक्ष में बुधवार को बागजाता माइंस के मिसलेनियस मैनपावर के मजदूर प्रतिनिधियों और प्रबंधन के बीच बैठक हुई. यूसीआइएल के डीजीएम (खान) मनोरंजन महाली की अध्यक्षता में वार्ता हुई. यहां प्रबंधन ने आगामी 3 जून से मिसलेनियस कार्य को दोबारा प्रारंभ करने का भरोसा दिया है. इस सकारात्मक आश्वासन के बाद मजदूरों ने आगामी 1 जून से प्रस्तावित चक्का जाम आंदोलन को फिलहाल स्थगित करने का निर्णय लिया है.
तीन महीने से काम बंद, 65 परिवारों पर आर्थिक संकट
गौरतलब हो कि मिसलेनियस मैनपावर ग्रुप का टेंडर खत्म होने के कारण करीब 3 महीने पहले काम पूरी तरह बंद हो गया था. इसके चलते माइंस के 65 मजदूर अचानक बेरोजगार हो गये थे. उनके परिवारों के समक्ष गंभीर आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया था. अपनी आजीविका बचाने और रोजगार की मांग पर इन आक्रोशित मजदूरों ने 1 जून से माइंस में काम बंद कर आंदोलन करने की लिखित चेतावनी दी थी. मजदूरों के कड़े रुख को देखते हुए यूसीआइएल प्रबंधन ने त्वरित पहल करते हुए वार्ता बुलायी.समय पर काम शुरू नहीं हुआ तो फिर होगा आंदोलन : मजदूर प्रतिनिधि
मजदूर प्रतिनिधियों ने वार्ता के बाद स्पष्ट किया कि वे प्रबंधन के आश्वासन का सम्मान करते हुए आंदोलन स्थगित कर रहे हैं. यदि प्रबंधन ने 3 जून से काम चालू करने के अपने वादे का जल्द अनुपालन नहीं किया, तो मजदूर एक बार फिर से उग्र आंदोलन के लिए विवश होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रबंधन की होगी.त्रिपक्षीय वार्ता में यूसीआइएल प्रबंधन की ओर से अपर प्रबंधक (कार्मिक) महेश साव, बागजाता के माइंस मैनेजर सुखदेव दे और प्रशासनिक पदाधिकारी जीबीएस राधाकृष्णन शामिल हुए. वहीं, मजदूरों के पक्ष से प्रतिनिधि के रूप में रंजीत माडी, गणेश टुडू, हिमांशु पातर और दिनेश पातर आदि ने भाग लिया.
