पहाड़पुर व धुसरा में डायरिया से दर्जनों आक्रांत, चिकित्सा जारी, लोग भयभीत
पटमदा : पटमदा के धुसरा सबर टोला में बुधवार को डेढ़ वर्षीय संजु सबर की डायरिया से मौत हो गयी. सूचना पाकर पहुंचे डॉ पूजा कुमारी की टीम ने गांव के सुकेन सबर, पूजा सबर, सुकुरमनी सबर व सुरेश सबर को तत्काल पटमदा पीएचसी ले जाकर इंजेक्शन व सलाइन चढ़ा कर किसी तरह से बचा लिया गया.
वहीं दूसरी और बोड़ाम के पहाड़पुर गांव में काफी संख्या में डायरिया पीड़ित परिवारों की चिकित्सा के लिए विधायक रामचंद्र सहिस, आजसू के जिला सचिव श्याम कृष्णा महतो, प्रखंड अध्यक्ष रमानाथ महतो चिकित्सा टीम के साथ पहड़पुर गांव पहुंचा, जहां डायरिया पीड़ित फनी भूषण महतो, मृत्युंजय महतो, ललिता प्रमाणिक, जोशना प्रमाणिक, शखी प्रमाणिक को सलाइन, इंजेक्शन, दवा इत्यादि दी गयी. पहाड़पुर गांव के दर्जन भर लोग पश्चिम बंगाल के बलरामपुर व बड़ाबाजार में इलाज चल रहा है. इस बात को लेकर ग्रामीण चिकित्सा विभाग के खिलाफ काफी आक्रोशित थे.
कुआं का पानी उबाल कर पीयें : सहिस
पहाड़पुर गांव में चिकित्सा कैंप के दरमियान विधायक रामचंद्र सहिस ने ग्रामीणों से कहा कि वे लोग कुआं का पानी उबाल कर पीयें और साफ–सफाई में रहें. खेत खलिहान की मछलियां न खायें. सहिस ने पूरे गांव में बिलीचिंग पाउडर का छिड़काव करवाया. ग्रामीणों की सुविधा के लिए गांव में दो चापाकल लगवाने का आश्वासन दिया.
इससे पूर्व पटमदा व बोड़ाम के डायरिया पीड़ित गांवों में सुधार नहीं होने तक लगातार कैंप लगवाने को लेकर जिला उपायुक्त डॉ अमिताभ कौशल व सिविल सजर्न से मोबाइल पर बात की.
चिकित्सा के अभाव में अनियंत्रित हो रहा है डायरिया
पटमदा व बोड़ाम प्रखंड में चिकित्सा व्यवस्था के अभाव में दिनों दिन डायरिया अनियंत्रित होता जा रहा है. पटमदा व बोड़ाम के 27 पंचायत के डेढ़ लाख आबादी के बीच मात्र दो डॉक्टर उपलब्ध हैं, जिसमें चिकित्सा प्रभारी डॉ नाजिर अहमद व डॉ पूजा कुमारी मौजूद हैं.
जबकि आये दिन दो से तीन गांवों में डायरिया जैसी बीमारी फैलता जा रहा है. टीम दल बना कर यदि फिल्ड में जाती है, तो पीएचसी खाली हो जाते हैं और मरीजों का उचित इलाज भी नहीं हो पाता है.
