घाटशिला में अतुल दुबे का शव मिलने का मामला
घाटशिला : जुगसलाई के अतुल दूबे का शव दो अक्तूबर की रात में जीआरपी ने घाटशिला के हाथीजोबड़ा पुलिया के पास रेलवे ट्रैक के किनारे झाड़ी से बरामद किया था. इस हत्याकांड में घटना स्थल को लेकर जीआरपी और घाटशिला पुलिस दुविधा में फंस गयी है.
जीआरपी ओपी को भारतीय रेल अधिनियम 1989 की अधिसूचना संख्या एसओ.-475/इ, दिनांक 12 जून 1990 के आलोक में भेजे गये पत्र में दोनों पुलिस के क्षेत्र को परिभाषित किया गया है. पत्र में इस बात का उल्लेख है कि अधिसूचित स्टेशनों, दो दूरस्थ सिग्नलों के बीच रेल की भूमि जीआरपी की सीमा होती है. इसमें विभिन्न बड़े स्टेशनों की आवासीय जमीन नहीं आती है. कहा गया है कि हॉल्ट, फ्लैग, बिना सिगAल युक्त स्टेशन जीआरपी की सीमा में नहीं आती है.
इसी बात को लेकर जीआरपी अब अतुल दूबे हत्याकांड के मामले की जांच नहीं करना चाहती है. जीआरपी ओपी प्रभारी बिनोद कुमार मिश्र का कहना है कि यह मामला स्थानीय पुलिस का है. स्थानीय पुलिस को भारतीय रेल अधिनियम की अधिसूचना की छाया प्रति भेजी गयी है, ताकि स्थानीय पुलिस अधिसूचना में वर्णित बातों को पढ़ कर आगे की कार्रवाई शुरू कर सके.
अतुल का मोबाइल बंद
इस मामले में जीआरपी ने अतुल दूबे के मोबाइल का कॉल डिटेल्स निकाला, परंतु जीआरपी को उसका मोबाइल 29 सितंबर से ही बंद था. इसके कारण जीआरपी को कॉल डिटेल्स का लाभ नहीं मिला. उन्होंने कहा कि अभी तक जीआरपी को मृतक का मोबाइल बरामद करने में सफलता नहीं मिली है.
सिर और शरीर पर जख्म
श्री मिश्र ने बताया कि अतुल दूबे का पोस्टमार्टम रिपोर्ट जीआरपी को प्राप्त हो चुकी है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में अतुल दूबे के सिर में गंभीर चोट और शरीर के किसी भी अंग में फ्रेर नहीं होने की बात कही गयी है. उन्होंने बताया कि सिर में गंभीर चोट लगने के कारण रिपोर्ट में मृत्यु का कारण बताया गया है.
