पानी बंद होने से 30 गांवों में सूख रहे खेत, बर्बाद होगी मेहनत और पूंजी

मुख्य बायीं नहर, शाखा नहर और लघु शाखा नहर में एक सप्ताह से है पानी बंद पानी बंद होने से हेंदलजुड़ी, बाघुड़िया और जोड़सा पंचायत के करीब तीस गांव के किसान प्रभावित गालूडीह : सुवर्णरेखा परियोजना के मुख्य बायीं नहर में दस दिनों से चांडिल डैम से पानी नहीं छोड़ा जा रहा है. पानी छोड़ना […]

मुख्य बायीं नहर, शाखा नहर और लघु शाखा नहर में एक सप्ताह से है पानी बंद

पानी बंद होने से हेंदलजुड़ी, बाघुड़िया और जोड़सा पंचायत के करीब तीस गांव के किसान प्रभावित
गालूडीह : सुवर्णरेखा परियोजना के मुख्य बायीं नहर में दस दिनों से चांडिल डैम से पानी नहीं छोड़ा जा रहा है. पानी छोड़ना बंद होने से मुख्य नहर में पानी नहीं होने से शाखा और लघु शाखा नहर सूख गयी. इससे 30 गांवों के किसान प्रभावित हैं. शनिवार को नहरों में पानी बंद करने के खिलाफ हेंदलजुड़ी पंचायत के कालाझोर, ज्वालभांगा, सिकराबासा, लोवागोड़ा, नारायणपुर आदि कई गांवों के किसानों ने सिकराबासा के पास सूखी नहर के पास विरोध-प्रदर्शन किया.
इसमें काफी संख्या में महिला किसान भी शामिल थीं. किसानों ने कहा कि मुख्य बायीं नहर में पानी बंद होने भूतियाकोचा ओआर-30, गुड़ाझोर ओआर-28 से शाखा नहरों में पानी नहीं जा रहा है. इसके कारण लघु शाखा नहरें भी सूख गयी है. किसानों ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से बारिश नहीं हो रही है. ऐसे में तेज धूप के कारण खेत सूखने लगे हैं. खेतों में धान के पौधे लगे हैं.
अभी पानी की जरूरत है. समय पर पानी नहर से नहीं मिलेगा तो धान के पौधे पीले पड़ जायेंगे. मेहनत और पूंजी बर्बाद हो जायेगी. नहर में पानी बंद होने से हेंदलजुड़ी, जोड़सा और बाघुडि़या पंचायत के करीब तीस गांवों के किसान प्रभावित हैं.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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