बालू-मुरुम की बोरियों से कैनाल को बांधकर खेतों तक पहुंचा रहे पानी

घाटशिला : घाटशिला दामपाड़ा क्षेत्र के मुड़ाकाटी और चाकदोहा गांव के ग्रामीणों ने चांडिल बायीं नहर से आने वाली मुख्य कैनाल में श्रमदान कर पानी को अपने खेतों तक पहुंचाया. श्रमदान का यह सिलसिला पिछले छह वर्षों से जारी है. प्रखंड के चापड़ी गांव के गोविंद गोराई, रवींद्र नाथ गोराई, सनातन गोराई, संजय गोराई, अनिल […]

घाटशिला : घाटशिला दामपाड़ा क्षेत्र के मुड़ाकाटी और चाकदोहा गांव के ग्रामीणों ने चांडिल बायीं नहर से आने वाली मुख्य कैनाल में श्रमदान कर पानी को अपने खेतों तक पहुंचाया. श्रमदान का यह सिलसिला पिछले छह वर्षों से जारी है.

प्रखंड के चापड़ी गांव के गोविंद गोराई, रवींद्र नाथ गोराई, सनातन गोराई, संजय गोराई, अनिल गोराई, संजय गोराई, गुणाधर गोराई, सनातन मुर्मू, डोमन मुर्मू ने बताया कि मुड़ाकाटी ओआर 37 के पास छह वर्षों से किसान श्रमदान कर बालू और मुरूम की बोरियों से मुख्य कैनाल को बांधने के बाद ओआर 36 और 37 से शाखा नाला से पानी अपने खेतों में पहुंचाते हैं. क्योंकि ओआर 36 चापड़ी और मुड़ाकाटी 37 के पास मुख्य कैनाल शाखा नाला के कारण खेतों तक पानी नहीं जा पाता है. इसलिए किसान श्रमदान कर अपने खेतों तक पानी ले जाते हैं.

चाकदोहा के पास ओआर 40 के पास भी ग्रामीण श्रमदान कर शाखा नाला से खेतों तक पानी ले जाते हैं. यहां भी किसान बीते छह साल से श्रमदान कर खेतों तक पानी ले जाते हैं. चाकदोहा, मुड़ाकाटी और चापड़ी के किसानों ने इस समस्या के समाधान के लिए कई बार विभाग और जनप्रतिनिधियों को लिखित रूप दिया, लेकिन कुछ नहीं किया जा रहा. हर बार सिर्फ गेट बनाने का आश्वासन ही दिया जाता है.

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