बहरागोड़ा lफूलों के मौसम में काजू वृक्षों के पत्तों पर धूल की परत

बहरागोड़ा : बहरागोड़ा में फोर लेन निर्माण के लिए दर्जनों डायवर्सन बनाये गये हैं. इसका पक्कीकरण नहीं किया गया है. इसके कारण एनएच 33 के आसपास का इलाका धूल की आगोश में है. हालत यह है कि एनएच किनारे स्थित वन व पर्यावरण विभाग का विश्रामागार धूल की चपेट में हैं. विश्रामागार परिसर में दर्जनों […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | December 20, 2017 1:58 AM

बहरागोड़ा : बहरागोड़ा में फोर लेन निर्माण के लिए दर्जनों डायवर्सन बनाये गये हैं. इसका पक्कीकरण नहीं किया गया है. इसके कारण एनएच 33 के आसपास का इलाका धूल की आगोश में है. हालत यह है कि एनएच किनारे स्थित वन व पर्यावरण विभाग का विश्रामागार धूल की चपेट में हैं. विश्रामागार परिसर में दर्जनों वृक्ष और रोपित पौधों के पत्तों पर धूल की परत जम गयी है. काजू वृक्षों में फूल आने का मौसम दस्तक दे रहा है. उड़ती धूल से काजू वृक्षों के पत्तों पर धूल की चादर बिछी है.

विश्रामागार के मुख्य गेट के पास आम के कई छोटे-छोटे वृक्ष हैं. इन वृक्षों पर धूल की चादर बिछ गयी है. चहारदीवारी के अंदर दक्षिण भाग में स्थित काजू के वृक्षों के पत्ते धूल की परत के कारण पीले पड़ गये हैं. वहीं विश्रामागार के उत्तर में स्थित काजू के वृक्ष लहलहा रहे हैं. विश्रामागार परिसर में रोपित अशोक के पौधों का रंग पीला पड़ गया है. इस मसले पर रेंरजर गोरख राम ने कहा कि स्थिति का जायजा लिया जायेगा. ठेका कंपनी से एनएच पर नियमित रूप से पानी का छिड़काव करने के लिए कहा जायेगा. वहीं संबंधित ठेका कंपनी दिलीप बिल्डकॉन के एरिया मैनेजर जेपी चतुर्वेदी कहते हैं कि धूल से बचाव के लिए एनएच पर नियमित रूप से पानी का छिड़काव किया जाता है.