कमरों की मरम्मत कर मॉडल स्कूलों में होगी पढ़ाई

प्रखंड 20 सूत्री अध्यक्ष ने किया मॉडल स्कूल का निरीक्षण... धालभूमगढ़ : प्रखंड 20 सूत्री अध्यक्ष सुनील नाथ ने मंगलवार को मॉडल स्कूल और प्लस टू विद्यालय के एस्बेस्टस कमरा और शत्रुघ्न मध्य विद्यालय के कमरों का निरीक्षण किया. प्लस टू स्कूल सह मॉडल स्कूल के प्रभारी प्रधानाध्यापक सह एमसएमडीसी के सचिव गौतम लाहा से […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | August 23, 2017 4:47 AM

प्रखंड 20 सूत्री अध्यक्ष ने किया मॉडल स्कूल का निरीक्षण

धालभूमगढ़ : प्रखंड 20 सूत्री अध्यक्ष सुनील नाथ ने मंगलवार को मॉडल स्कूल और प्लस टू विद्यालय के एस्बेस्टस कमरा और शत्रुघ्न मध्य विद्यालय के कमरों का निरीक्षण किया. प्लस टू स्कूल सह मॉडल स्कूल के प्रभारी प्रधानाध्यापक सह एमसएमडीसी के सचिव गौतम लाहा से बातचीत की. मॉडल स्कूल का संचालन मॉडल स्कूल भवन के हैंड ओवर तक प्लस टू विद्यालय परिसर में संचालित करने की बात कही. उन्होंने बताया कि बार- बार मॉडल स्कूल का स्थानांतरण संवेदनशील मामला है.

मॉडल स्कूल के विद्यार्थियों और अभिभावकों पर इसका मनोवैज्ञानिक प्रभाव पड़ रहा है. मॉडल स्कूल भवन के अभाव में विद्यार्थी दिग्रभमित हो रहे हैं. उन्होंने कहा कि शत्रुघ्न मध्य विद्यालय में दो कमरे हैं. यहां बच्चों को भेजना जोखिम भरा हो सकता है. प्लस टू विद्यालय के तीन एस्बेस्टस सीट के कमरे उपयोग लायक नहीं हैं. मरम्मत से उपयोग लायक बनाये जा सकते हैं. एस्बेस्टस कमरों की मरम्मत कर प्लस टू या मॉडल स्कूल की पढ़ाई करायी जा सकती है. निरीक्षण के समय अध्यक्ष के साथ-साथ लक्ष्मीकांत नायक, पिंटू गुप्ता, लक्ष्मीकांत दिगार,

गोविंद चौधरी, हरि शंकर महतो, संतोष गायन उपस्थित थे.

धालभूमगढ़ : प्रखंड 20 सूत्री अध्यक्ष सुनील नाथ ने मंगलवार को मॉडल स्कूल और प्लस टू विद्यालय के एस्बेस्टस कमरा और शत्रुघ्न मध्य विद्यालय के कमरों का निरीक्षण किया. प्लस टू स्कूल सह मॉडल स्कूल के प्रभारी प्रधानाध्यापक सह एमसएमडीसी के सचिव गौतम लाहा से बातचीत की. मॉडल स्कूल का संचालन मॉडल स्कूल भवन के हैंड ओवर तक प्लस टू विद्यालय परिसर में संचालित करने की बात कही. उन्होंने बताया कि बार- बार मॉडल स्कूल का स्थानांतरण संवेदनशील मामला है. मॉडल स्कूल के विद्यार्थियों और अभिभावकों पर इसका मनोवैज्ञानिक प्रभाव पड़ रहा है. मॉडल स्कूल भवन के अभाव में विद्यार्थी दिग्रभमित हो रहे हैं. उन्होंने कहा कि शत्रुघ्न मध्य विद्यालय में दो कमरे हैं. यहां बच्चों को भेजना जोखिम भरा हो सकता है. प्लस टू विद्यालय के तीन एस्बेस्टस सीट के कमरे उपयोग लायक नहीं हैं. मरम्मत से उपयोग लायक बनाये जा सकते हैं. एस्बेस्टस कमरों की मरम्मत कर प्लस टू या मॉडल स्कूल की पढ़ाई करायी जा सकती है. निरीक्षण के समय अध्यक्ष के साथ-साथ लक्ष्मीकांत नायक, पिंटू गुप्ता, लक्ष्मीकांत दिगार,

गोविंद चौधरी, हरि शंकर महतो, संतोष गायन उपस्थित थे.