प्रतिनिधि, हंसडीहा: पिछले कई महीनों से बिजली और मोबाइल नेटवर्क की समस्या झेल रहे हंसडीहा के ग्रामीणों का आक्रोश शुक्रवार को सड़क पर फूट पड़ा. नाराज ग्रामीणों ने हंसडीहा के मुख्य चौराहे को जाम कर दिया, जिससे क्षेत्र के प्रमुख मार्गों पर आवागमन बाधित हो गया.
सड़क जाम के कारण राहगीरों और वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा. ग्रामीणों का कहना है कि बार-बार शिकायत के बावजूद बिजली और नेटवर्क की समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो रहा है.
रोज घंटों बिजली गुल, शिकायत के बाद भी राहत नहीं
ग्रामीणों का आरोप है कि हंसडीहा में लगातार बिजली कटौती हो रही है. कई बार घंटों बिजली गुल रहने के बावजूद खराबी दूर करने के लिए समय पर मिस्त्री नहीं पहुंचते.
ग्रामीणों के अनुसार, बिजली विभाग के जेई और एसडीओ को फोन करने पर या तो फोन रिसीव नहीं किया जाता या संतोषजनक जवाब नहीं मिलता. इससे लोगों में विभाग के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है.
आसपास के इलाकों में बिजली, हंसडीहा में अंधेरा
ग्रामीणों ने बताया कि हंसडीहा से कुछ ही दूरी पर रामगढ़ मोड़, सरैयाहाट और पोड़ैयाहाट क्षेत्र में अपेक्षाकृत नियमित बिजली आपूर्ति होती है, जबकि हंसडीहा में कई दिनों से बिजली व्यवस्था बेहद खराब है.
ग्रामीणों का दावा है कि कई बार प्रतिदिन सिर्फ तीन से चार घंटे ही बिजली मिल पाती है. रात के समय बिजली कटने से परेशानी और बढ़ जाती है.
12-13 दिनों से सड़क पर गिरा है बिजली का तार
ग्रामीणों ने बताया कि देवघर रोड में करीब 12-13 दिनों से बिजली का तार गिरा हुआ है. तार को काटकर छोड़ दिया गया है, लेकिन अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया.
ग्रामीणों ने फ्रेंचाइजी कर्मियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि खराबी की स्थिति में लोगों को स्पष्ट जानकारी नहीं मिलती.
बिजली के साथ मोबाइल नेटवर्क ने भी बढ़ायी परेशानी
ग्रामीणों की परेशानी सिर्फ बिजली तक सीमित नहीं है. मोबाइल नेटवर्क की खराब स्थिति ने भी लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं.
ग्रामीणों का कहना है कि बिजली और मोबाइल नेटवर्क दोनों की समस्या के कारण रोजमर्रा के काम प्रभावित हो रहे हैं. जरूरी फोन कॉल, ऑनलाइन काम और अन्य सेवाओं के लिए लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है.
सावन में निर्बाध बिजली के दावे पर भी उठे सवाल
ग्रामीणों ने कहा कि सरकार की ओर से सावन के दौरान निर्बाध बिजली आपूर्ति का दावा किया गया था, लेकिन हंसडीहा में स्थिति इसके विपरीत रही.
ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से समस्या झेलने के बाद भी जब उनकी शिकायतों पर कार्रवाई नहीं हुई तो उन्हें सड़क पर उतरकर विरोध करना पड़ा.
बिजली और नेटवर्क व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग
ग्रामीणों ने बिजली व्यवस्था में सुधार, खराब तारों की तत्काल मरम्मत और मोबाइल नेटवर्क की समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की है.
ग्रामीणों का कहना है कि विभाग जल्द ठोस पहल नहीं करता है तो आंदोलन को आगे भी जारी रखा जा सकता है.
