श्रमदान से ग्रामीणों ने किया जल निकासी का प्रबंध

प्रशासनिक अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों की वर्षों से उपेक्षा झेल रहे ग्रामीणों का धैर्य जब समाप्त हो गया तो खुद ही समाधान करने का निर्णय लिया. मामला रामगढ़ बाजार के लखनपुर रोड का है.

रामगढ़. प्रशासनिक अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों की वर्षों से उपेक्षा झेल रहे ग्रामीणों का धैर्य जब समाप्त हो गया तो खुद ही समाधान करने का निर्णय लिया. मामला रामगढ़ बाजार के लखनपुर रोड का है. ये सड़क वर्षों से जर्जर हो चुकी है. सड़क पर छोटे-बड़े सैकड़ों गड्ढे बन गये हैं. रामगढ़ बाजार से लगभग 200 से 300 मीटर की दूरी तक तक हल्की बारिश में भी सड़क पूरी तरह से तालाब में बदल जाती है. घुटने भर पानी जमा रहता है. सड़क पर जमे पानी से गुजरना इलाके के लोगों के लिए वर्षों से मजबूरी बनी हुई है. रामगढ़ बाजार से लखनपुर गांव तक जानेवाली सड़क की मरम्मत को लेकर जन प्रतिनिधियों एवं प्रशासन से गुहार लगा कर तक चुके धोबा गांव के ग्रामीणों ने आखिरकार श्रमदान कर सड़क को चलने के लायक बनाने का फैसला किया. करीब तीन फीट जमा पानी के निकासी की व्यवस्था करने के लिए ग्रामीणों ने पानी निकासी करने के लिए सड़क किनारे करीब डेढ़ सौ फीट लंबी नाली खोदने के बाद युवाओं ने ग्रामीण जलापूर्ति योजना के आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त बेकार पड़े लोहे के पाइप को नाली में बिछाकर पानी निकासी का प्रबंध कर लिया. रामगढ़ से पातोबांध होते हुए लखनपुर गांव तक जानेवाली सडक पूरी तरह से गड्ढे में तब्दील हो गयी है. हल्की बारिश में भी पूरी सड़क तालाब में बदल हो जाती है. सड़क से रामगढ़ प्रखंड के धोबा, पातोबांध, रानीडीह, बसडीहा, लखनपुर सहित गोड्डा जिले के पिंडराहाट सहित दर्जनों गांवों के लोग प्रति दिन बाजार के काम के साथ-साथ सरकारी काम के लिये प्रखंड मुख्यालय आते-जाते हैं. ग्रामीणों ने दर्जनों बार यहां के सांसद एवं विधायक के साथ ही स्थानीय प्रशासन से मरम्मत कराने की मांग कर थक चुके थे. कुछ माह पूर्व विधायक डॉ लुईस मरांडी ने सड़क का निरीक्षण कर जल्दी मरम्मत तथा पानी की निकासी के लिए नाली निर्माण निर्माण करा देने का आश्वासन ग्रामीणों को दिया था. आश्वासन के बाद भी आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई. हाल के दिनों में लगातार हुई बारिश ने भी सड़क से गुजरने वालों की परेशानी बढ़ा दी थी. इसके बाद ग्रामीणों ने समस्या के समाधान का स्वयं बीडा उठाया. कुदाल, गैंता लेकर नाली की खुदाई में जुट गये. फिर सड़क के किनारे रखे हुए ग्रामीण जलापूर्ति योजना के बेकार पड़े पाइपों को नाली में बिछाकर पानी के निकासी की व्यवस्था कर ली. श्रमदान करनेवालों में सुशील सोरेन, रोबीन मुर्मू, शिवलाल सोरेन, मुन्ना पंडित, मनोज पंडित, विनोद पंडित, भवेश दता आदि शामिल थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Rakesh kumar

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
और पढ़ें
Tags

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >