झारखंड की राजनीति के बड़े स्तंभ का अवसान

झारखंड आंदोलन के पुरोधा शिबू सोरेन के निधन पर शोक की लहर, बोले बाबूराम मुर्मू

दुमका. झारखंड आंदोलन के प्रणेता, पूर्व मुख्यमंत्री व राज्यसभा सांसद दिशोम गुरु शिबू सोरेन के निधन की खबर से पूरे झारखंड में शोक की लहर दौड़ गयी है. उनके निधन के बाद दुमका, रामगढ़, रानीश्वर और अन्य क्षेत्रों में श्रद्धांजलि सभाओं का आयोजन किया गया. जरमुंडी प्रखंड अंतर्गत जमुआ गांव में तिलका बाबा प्रतिमा स्थल पर सोनालाल हेंब्रम की अध्यक्षता में झारखंड आंदोलनकारियों ने शोकसभा आयोजित की. संचालन बाबूराम मुर्मू ने किया. इस अवसर पर आंदोलनकारियों ने दिशोम गुरु को पुष्प अर्पित कर उनकी आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा और कहा कि वे झारखंड के शोषित, दलित और पीड़ित समुदाय की मुखर आवाज थे. श्रद्धांजलि स्वरूप आंदोलनकारियों ने जल, जंगल और जमीन की रक्षा को लेकर संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया. रामगढ़ प्रखंड कार्यालय परिसर में अधिकारियों, कर्मचारियों और विभिन्न ग्राम प्रधानों ने शोकसभा में भाग लिया. यहां भी दो मिनट का मौन रख दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि दी. झारखंड मुक्ति मोर्चा के संस्थापक और राज्य के गठन के शिल्पी के रूप में शिबू सोरेन के योगदान को वक्ताओं ने अविस्मरणीय बताया. राज्य सरकार द्वारा दो दिन का राजकीय शोक घोषित किया गया, जिससे सभी सरकारी बैठकें स्थगित कर दी गयी. बिरसा मुंडा हाइस्कूल सह ज्ञानालोक शिक्षण संस्थान में शिक्षकों और छात्रों ने एकत्र होकर शोकसभा में भाग लिया. पांच अगस्त को विद्यालय अवकाश घोषित किया गया. श्रद्धांजलि कार्यक्रम में आनंद कुमार साह, मुकेश कुमार पंडित, हरिशंकर मंडल, पप्पू मंडल, रीना कुमारी, टुम्पा कुमारी, मुस्कान कुमारी, रेजिना किस्कू समेत अनेक छात्र-छात्राएं मौजूद थे. रानीश्वर अंचल कार्यालय में मासिक बैठक के दौरान ग्राम प्रधानों ने भी दो मिनट का मौन रख श्रद्धांजलि अर्पित की गयी. बैठक में सुमन राय, कृष्ण चंद्र घोष, चुड़का मरांडी, जनार्दन मुर्मू, अर्जुन मरांडी, अविलाश टुडू समेत अन्य ग्राम प्रधान उपस्थित थे. झारखंड आंदोलनकारियों ने स्पष्ट कहा कि दिशोम गुरु शिबू सोरेन भले ही शारीरिक रूप से नहीं रहे, लेकिन उनके विचार, संघर्ष और सपना जल, जंगल, जमीन की रक्षा और स्वाभिमानी झारखंड की स्थापना हमेशा प्रेरणा देते रहेंगे. डिस्ट्रिक्ट सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस दुमका में भी प्रभारी प्राचार्य महेंद्र राजहंस की अध्यक्षता में शोक सभा हुई. उन्होंने कहा कि आकस्मिक निधन से झारखंड में जो शून्यता आयी है, उसे पूरा नही किया जा सकता. मौके पर दिलीप कुमार झा, मुदस्सर सुल्तान,अमित कुमार पाण्डेय, संजीव कुमार सिंह, रूपेश कुमार झा, संजय कुमार सिन्हा, प्रदीप कुमार, अर्चना कुमारी, सुशीला किस्कू, प्रकाश कुमार घोष, शिवराम सिमोन टुडू एवं तरन्नुम परवीन मौजूद थे.

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Published by: Rakesh kumar

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