संवाददाता, दुमका: मानव अस्तित्व की रक्षा के लिए पौधों और प्राकृतिक वन संपदा का संरक्षण जरूरी है. पेड़-पौधों की रक्षा केवल पर्यावरण संरक्षण तक सीमित नहीं, बल्कि पृथ्वी पर मौजूद जीव-जंतुओं के अस्तित्व को सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी भी है. यह बातें एएन कॉलेज, दुमका के वनस्पति विज्ञान विभागाध्यक्ष, इको क्लब समन्वयक एवं झारखंड बायोडायवर्सिटी बोर्ड के सदस्य डॉ अमर नाथ सिंह ने कहीं.
वे मंगलवार को आदिवासी बहुल नेतुरपहाड़ी गांव में आयोजित वृक्ष रक्षा बंधन अभियान के दौरान छात्र-छात्राओं और ग्रामीणों को संबोधित कर रहे थे.
पौधों को रक्षा सूत्र बांधकर लिया संरक्षण का संकल्प
एएन कॉलेज के इको क्लब की ओर से चलाये जा रहे वृक्ष रक्षा बंधन अभियान के तहत नेतुरपहाड़ी गांव में पौधों के संरक्षण को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया.
इस दौरान छात्र-छात्राओं और ग्रामीणों ने पौधों को सांकेतिक रूप से रक्षा सूत्र बांधा और उनकी रक्षा व संरक्षण का संकल्प लिया. कार्यक्रम के माध्यम से लोगों को पेड़-पौधों के महत्व और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जिम्मेदारी का संदेश दिया गया.
स्थानीय प्रजातियों के संरक्षण पर जोर
डॉ अमर नाथ सिंह ने कहा कि वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, झारखंड सरकार के प्रधान मुख्य वन संरक्षक, वन बल प्रमुख एवं भारतीय वन सेवा के वरिष्ठ अधिकारी संजीव कुमार के नेतृत्व में वर्ष 2004 से यह अभियान चलाया जा रहा है.
उन्होंने कहा कि अभियान अब राज्यव्यापी रूप ले चुका है और पड़ोसी राज्य बिहार में भी इसकी गतिविधियां पहुंच रही हैं. अभियान का उद्देश्य झारखंड के प्राकृतिक वन क्षेत्रों में स्थानीय प्रजातियों के जंगली पौधों, विशेषकर कीस्टोन स्पेसीज, के संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करना है.
उन्होंने कहा कि बदलते पर्यावरणीय परिदृश्य में पेड़-पौधों का संरक्षण समय की मांग है. प्रत्येक व्यक्ति को प्राकृतिक संसाधनों और पौधों के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी.
अभियान को गांव-गांव तक पहुंचाने की अपील
कार्यक्रम में आमंत्रित विषय विशेषज्ञ मयूराक्षी ग्रामीण कॉलेज, रानीश्वर के वनस्पति विज्ञान विभागाध्यक्ष एवं इको क्लब कोऑर्डिनेटर डॉ प्रशांत पातर ने छात्र-छात्राओं से वृक्ष रक्षा बंधन अभियान से जुड़ने की अपील की.
उन्होंने अभियान के उद्देश्य और महत्व को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने तथा गांव-गांव में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाने का आह्वान किया.
तीन कॉलेजों के छात्र-छात्राओं ने लिया हिस्सा
कार्यक्रम में एएन कॉलेज दुमका, मॉडल डिग्री कॉलेज विजयपुर और एमजी कॉलेज रानीश्वर के छात्र-छात्राओं ने भाग लिया.
इको वारियर्स और नेतुरपहाड़ी के ग्रामीणों ने भी अभियान में हिस्सा लेते हुए पौधों को रक्षा सूत्र बांधा और उनके संरक्षण का संकल्प लिया. कार्यक्रम के दौरान पर्यावरण संरक्षण को लेकर सामूहिक भागीदारी का संदेश दिया गया.
