10 साल पुराने मामले में राज्य के स्वास्थ्य मंत्री व पूर्व सांसद हुूए बरी

मपी-एमएलए की विशेष अदालत (न्यायाधीश मोहित चौधरी) ने गुरुवार को समझौता तथा सबूतों के अभाव में बरी कर दिया. इस मामले में पीड़ित पक्ष ने पहले ही अदालत से समझौते का अनुरोध किया था.

मधुपुर में जबरन मकान खाली कराने व किरायेदार से मारपीट का था आरोप प्रतिनिधि, दुमका कोर्ट मधुपुर में वर्ष 2015 में जबरन मकान खाली कराने और किरायेदार से मारपीट के आरोप में राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी और उनके पिता, पूर्व सांसद फुरकान अंसारी को एमपी-एमएलए की विशेष अदालत (न्यायाधीश मोहित चौधरी) ने गुरुवार को समझौता तथा सबूतों के अभाव में बरी कर दिया. इस मामले में पीड़ित पक्ष ने पहले ही अदालत से समझौते का अनुरोध किया था. बचाव पक्ष के अधिवक्ता राजा खान ने बताया कि लगभग 10 वर्ष पूर्व मधुपुर के मकबूल अंसारी ने तत्कालीन विधायक डॉ इरफान अंसारी और उनके पिता पर मारपीट का आरोप लगाते हुए पीसीआर केस दर्ज कराया था, जिस मकान में मकबूल किरायेदार थे, उसे बाद में मालिक ने विधायक की मां को बेच दिया था. विधायक ने नियमानुसार मकान खाली करने को कहा, जिसके बाद आरोप लगाकर मामला दर्ज किया गया. हाल ही में पीड़ित ने अदालत में समझौते का आवेदन दिया. अदालत ने समझौता और सबूतों के अभाव दोनों आधारों पर निर्णय सुनाते हुए मंत्री और उनके पिता को बरी कर दिया. स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी ने कहा कि उन्होंने किसी से मारपीट नहीं की. उन पर झूठा आरोप लगाकर मुकदमा किया गया था, लेकिन उन्हें न्यायालय पर पूर्ण विश्वास था. अंततः अदालत ने उन्हें और उनके पिता को बरी कर दिया.

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By ANAND JASWAL

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