सरैयाहाट. प्रखंड के जमुआ गांव में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ में कथा व्यास पंडित रवि रंजन शास्त्री ने उपस्थित श्रोताओं को कहा कि भागवत कथा सुनने मात्र से ही सारे कष्ट दूर हो जाते हैं. बशर्ते यह निर्मल मन और शुद्ध भक्ति भाव से सुनी जाए. यह पितरों और प्रेतों को मुक्ति दिलाने का भी एक सशक्त माध्यम है और यह जीवन के सार को समझने तथा प्रेम और करुणा का भाव जगाने में मदद करती है. समस्त पाप नष्ट होते हैं और व्यक्ति के मन को शांति मिलती है. उन्होंने कहा कि भागवत कथा जीवन का सार तत्व और भक्ति का अमृत प्रदान करती है, जो ज्ञान और वैराग्य को जागृत करता है. पापी से पापी मनुष्य भी कथा में बैठकर भगवान की लीलाओं का श्रवण करता है तो उसके जन्म जन्मांतर के पाप धुल जाते हैं. जिसपर प्रभु की कृपा होती है, वही भागवत कथा सुन सकते हैं. कथा व्यास द्वारा राजा परीक्षित को भृंग ऋषि द्वारा दिए गए श्राप की कथा का बड़ा ही मार्मिक ढंग श्रोताओं को सुनाया गया, जिससे श्रोता आनंदित हो उठे. श्रीमद्भागवत कथा के आयोजन से पूरा जमुआ गांव में भक्ति का वातावरण बना हुआ है. भागवत कथा के आयोजन में संजय कुमार मंडल, संतोष मंडल, प्रीतम मंडल सहित गांव के अन्य युवा काफी सहयोग कर रहे हैं.
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