कैंपस : एसकेएमयू में नशा मुक्ति के लिए चला विशेष जागरुकता अभियानछात्रों ने लिया नशामुक्त समाज के निर्माण का संकल्प

अभियान में विभिन्न विभागों के छात्र-छात्राओं ने भाग लिया. विद्यार्थियों ने स्वयं को नशा से दूर रखने और समाज को जागरूक करने का संकल्प लिया.

धीमा जहर है नशा, जिंदगी को कर देता है बर्बाद : डॉ नीलेश कुमार संवाददाता, दुमका झारखंड सरकार के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार सिदो-कान्हू मुर्मू विश्वविद्यालय में सोमवार को नशा मुक्ति एवं मादक पदार्थों के दुरुपयोग के खिलाफ जागरुकता अभियान चलाया गया. इसका नेतृत्व एनएसएस समन्वयक सह अभियान के नोडल पदाधिकारी डॉ धनंजय कुमार मिश्र ने किया. अभियान में विभिन्न विभागों के छात्र-छात्राओं ने भाग लिया. विद्यार्थियों ने स्वयं को नशा से दूर रखने और समाज को जागरूक करने का संकल्प लिया. जंतु विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ नीलेश कुमार ने कहा कि नशा धीमा जहर है, जो न केवल शरीर, बल्कि जीवन के हर पहलू को प्रभावित करता है. युवा पीढ़ी को इससे सतर्क रहना चाहिए. कार्यक्रम को प्रभावी बनाने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा विश्वविद्यालय के मुख्य स्थलों पर बैनर प्रदर्शित कर नशे के विरुद्ध जागरूकता का व्यापक संदेश दिया गया. इस दौरान छात्र सौरभ कुमार, अर्नब गोराईं, मो रजा हसन, प्रलीना सेन, मेघना कुमारी, मुनीलाल किस्कू, कसिस आलम, राजनंदनी आदि ने अपने विचार एवं अनुभव साझा करते हुए नशा के दुष्परिणामों पर प्रकाश डाला. अभियान के समापन पर डॉ मिश्र ने कहा कि यह केवल एक जागरुकता अभियान नहीं, बल्कि युवाओं के भीतर जिम्मेदारी का भाव जगाने का प्रयास है. नशामुक्त भारत की परिकल्पना तभी साकार होगी, जब विश्वविद्यालयों से इसके विरुद्ध मजबूत स्वर उठे. उन्होंने बताया कि आगामी सप्ताहों में विश्वविद्यालय की एनएसएस इकाई विभिन्न कॉलेजों व अंगीभूत संस्थानों में भी ऐसे अभियान चलायेगी.

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Author: ABHISHEK

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