कहीं पानी के लिए हाहाकार, तो कहीं हो रही बर्बादी

कहीं पानी के लिए हाहाकार, तो कहीं हो रही बर्बादी

प्रतिनिधि, काठीकुंड एक ओर जहां सुदूर ग्रामीण इलाकों में पीने के पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ है, वहीं दूसरी ओर बाजार या शहरी क्षेत्रों में पानी बेवजह बर्बाद हो रहा है. दुर्भाग्य की बात यह है कि इसकी सुध लेने वाला भी कोई नहीं है. काठीकुंड बाजार में जल आपूर्ति के लिए बिछाई गई पाइपलाइन में बीते कुछ दिनों से लिकेज हो रही है, जिससे लगातार कीमती पानी व्यर्थ बह रहा है. स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार संबंधित विभागीय कर्मियों को इसकी जानकारी दी, लेकिन अब तक लिकेज की मरम्मत नहीं की गयी है. इस लापरवाही के कारण न केवल जल की बर्बादी हो रही है, बल्कि सड़क पर पानी बहने से राहगीरों को भी खासी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. ग्रामीणों का कहना है कि विभाग की उदासीनता का खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ रहा है. उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि शीघ्र इस लिकेज की मरम्मत कराई जाए, ताकि जल की बर्बादी रोकी जा सके और सभी को पर्याप्त मात्रा में स्वच्छ पानी उपलब्ध हो सके. —————————————- स्थानीय लोगों की प्रतिक्रियाएं: सुमित सोनू: पिछले कई दिनों से सुबह-शाम लगातार इस लिकेज से पानी बर्बाद हो रहा है. इसे अविलंब दुरुस्त किया जाना चाहिए. रोशन भगत: कहते हैं ”जल है तो कल है”, लेकिन यहां तो न आज की फिक्र है, न कल की. पानी की बर्बादी जारी है और कोई ध्यान नहीं दे रहा. रोहित भगत: लिकेज से लगातार पानी तो बर्बाद हो ही रहा है, दिनभर सड़क पर पानी बहता रहता है, जिससे आने-जाने में भी दिक्कत होती है. विनोद मोदी: यहां हुए लिकेज का जल्द समाधान होना चाहिए, क्योंकि गर्मी अभी बाकी है. अगर समय रहते नहीं सुधरा, तो आगे पानी की बड़ी समस्या खड़ी हो सकती है.

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Author: ABHISHEK

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