एसकेएमयू. शोकसभा आयोजित कर डॉ अवस्थी व प्रमोदनाथ को दी श्रद्धांजलि

सिदो-कान्हू मुर्मू विश्वविद्यालय में कुलपति प्रो. कुनुल कंदीर की अध्यक्षता में दो दिवंगत कर्मियों, डॉ. कृपाशंकर अवस्थी और प्रमोद नाथ को श्रद्धांजलि अर्पित करने शोक सभा आयोजित की गई। डॉ. अवस्थी, जो पाकुड़ कॉलेज के जूलॉजी विभाग के सेवानिवृत्त प्राध्यापक और विश्वविद्यालय के सीसीडीसी थे, का निधन 12 सितंबर को हुआ था, जबकि प्रमोद नाथ, जो सेंट्रल लाइब्रेरी के गैर-शैक्षणिक कर्मचारी थे, 26 सितंबर को चले गए। रजिस्ट्रार डॉ. राजीव रंजन शर्मा ने उनके योगदान को याद किया। विभिन्न शिक्षकों और कर्मचारियों ने उनकी अच्छी छवि और विश्वविद्यालय में उनके योगदान की प्रशंसा की। डॉ. अवस्थी को एक योग्य प्रशासक, शिक्षक और समाजसेवी बताया गया, जबकि प्रमोद नाथ को सरल स्वभाव और सक्रिय कर्मठ व्यक्ति के रूप में याद किया गया।

संवाददाता, दुमका. सिदो-कान्हू मुर्मू विश्वविद्यालय में कुलपति प्रो. कुनुल कंदीर की अध्यक्षता में विश्वविद्यालय के दो दिवंगत कर्मियों, डॉ. कृपाशंकर अवस्थी और प्रमोद नाथ को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए एक शोक सभा का आयोजन किया गया. डॉ. अवस्थी, पाकुड़ कॉलेज के जूलॉजी विभाग के सेवानिवृत्त प्राध्यापक और विश्वविद्यालय के सीसीडीसी थे. प्रमोद विश्वविद्यालय के सेंट्रल लाइब्रेरी में गैर-शैक्षणिक कर्मचारी थे. रजिस्ट्रार डॉ. राजीव रंजन शर्मा ने सभा की शुरुआत करते हुए दोनों कर्मियों के विश्वविद्यालय में दिए गए योगदान को याद किया. डॉ. अवस्थी का निधन 12 सितंबर को और प्रमोद नाथ का निधन 26 सितंबर को हुआ था. सभा में विश्वविद्यालय के शिक्षकों और कर्मचारियों ने अपने विचार व्यक्त किए. नेतलाल मिर्धा ने प्रमोद नाथ को मृदुभाषी और सरल स्वभाव का बताया. डॉ. हसमत अली ने डॉ. अवस्थी को एक योग्य प्रशासक और शिक्षक बताया, जबकि डॉ. अजय सिन्हा ने उन्हें एक संघर्षशील शिक्षक नेता बताया, जिनके कार्यकाल में विश्वविद्यालय के बाहरी गेट का निर्माण हुआ. डॉ. विजय कुमार ने दोनों के निधन को विश्वविद्यालय के लिए गहरी क्षति बताया. डॉ. संजय कुमार सिन्हा ने प्रमोद नाथ को अपना पूर्व छात्र बताते हुए उन्हें कर्मठ और सक्रिय बताया. डॉ. सुजीत सोरेन ने डॉ. अवस्थी के साथ विकास पदाधिकारी के रूप में कार्य करने के अपने अनुभव को साझा किया और प्रमोद को सकारात्मक ऊर्जा से भरपूर व्यक्ति बताया. डॉ. पीपी सिंह ने डॉ. अवस्थी को एक सामाजिक व्यक्ति बताया, जो गरीबों को मुफ्त होम्योपैथिक चिकित्सा सेवा देते थे.

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Published by: Anand jaswal

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