परीक्षा से संबंधित कार्य में लापरवाही पर छह कॉलेज के प्राचार्य को शो-कॉज

एसकेएमयू परीक्षा समिति के कई सख्त फैसले. पूर्णांक से एक को अधिक अंक देनेवाले परीक्षक को चिह्नित कर डिबार करने का निर्णय लिया गया.

दुमका. सिदो कान्हु मुर्मू विश्वविद्यालय दुमका में शुक्रवार को परीक्षा समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक कुलपति प्रोफेसर डॉ कुनुल कांडिर की अध्यक्षता में आयोजित की गयी. बैठक में परीक्षा से जुड़े लगभग 20 एजेंडों पर विस्तार से चर्चा करते हुए नियम एवं अधिनियम के अनुरूप कई अहम निर्णय लिए गए. बैठक में विभिन्न कॉलेजों से प्राप्त आंतरिक परीक्षा अंकों में गड़बड़ी, गलत विषय में परीक्षा देने, गलत अंक पोस्टिंग जैसे मामलों पर गंभीरता से विचार किया गया. इन मामलों में लापरवाही बरतने को लेकर देवघर काॅलेज, मधुपुर काॅलेज, एएस काॅलेज देवघर, साहिबगंज काॅलेज और शिबू सोरेन जनजातीय महाविद्यालय बोरियो के प्रभारी प्राचार्यों को शो-कॉज नोटिस जारी करने का निर्णय लिया गया. बोर्ड ने स्पष्ट किया कि कॉलेज की त्रुटि के बावजूद छात्रों के आवेदन विश्वविद्यालय को अग्रसारित करने वाले प्राचार्यों के खिलाफ आगे सख्त कार्रवाई की जाएगी. अनावश्यक रूप से आवेदन अग्रसारित करने पर कार्रवाई भी तय की गयी है. इकोनॉमिक्स विषय की एक उत्तर पुस्तिका में पूर्णांक से एक अंक अधिक देने के मामले में संबंधित परीक्षक को चिह्नित कर आगामी मूल्यांकन कार्य से स्थायी रूप से परीक्षा कार्य से डिबार करने का निर्णय लिया गया. सर्वसम्मति से यह भी तय किया गया कि परीक्षा संपन्न होने के बाद किसी भी परिस्थिति में आंतरिक परीक्षा के अंक स्वीकार नहीं किए जाएंगे. ऐसा करने वाले प्राचार्यों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी. एएन कॉलेज के प्रभारी प्राचार्य को एक उत्तर पुस्तिका कम जमा करने के आरोप में भी शो-कॉज नोटिस जारी करने का निर्णय लिया गया. बैठक में वर्षों पूर्व पीएचडी कोर्स वर्क परीक्षा उत्तीर्ण कर चुके एक छात्र से पुनः कोर्स वर्क कराने के प्रस्ताव को बोर्ड ने खारिज कर दिया. कहा गया कि परीक्षा संबंधी कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी कर्मचारियों व शिक्षकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. परीक्षा कार्य हेतु नयी आउटसोर्सिंग एजेंसी के चयन के लिए जारी ओपन टेंडर को पोस्ट-फैक्टो अनुमोदन भी प्रदान किया गया. साथ ही पीएचडी नामांकन समिति की बैठकों में लिए गए निर्णयों को भी स्वीकृति दी गयी. मेडिकल कॉलेजों की परीक्षा शुल्क संरचना में संशोधन करते हुए यह निर्णय लिया गया कि अब प्रायोगिक परीक्षाएं संबंधित मेडिकल कॉलेज अपने स्तर पर आयोजित करेंगे. विश्वविद्यालय के संताली विभाग में संचालित संताल कल्चर स्टडी पाठ्यक्रम का परिणाम सीबीसीएस रेगुलेशन के तहत ही घोषित किया जाएगा. बैठक में बोर्ड सदस्य डॉ बसंत कुमार गुप्ता ने सभी केंद्राधीक्षकों की बैठक बुलाने का प्रस्ताव रखा. कुलसचिव डॉ राजीव रंजन शर्मा ने प्रत्येक बड़ी परीक्षा के बाद केंद्राधीक्षकों के साथ ऑनलाइन समीक्षा बैठक आयोजित करने का सुझाव दिया. वहीं वित्त पदाधिकारी डॉ संजय कुमार सिन्हा ने परीक्षा संहिता को मुद्रित कर सभी प्राचार्यों और कर्मचारियों को उपलब्ध कराने की बात कही. बैठक में मानविकी संकाय के डीन डॉ बसंत कुमार गुप्ता, विज्ञान संकाय के डीन डॉ संजय कुमार सिंह, सामाजिक विज्ञान संकाय के डीन डॉ टीपी सिंह, कुलसचिव डॉ राजीव रंजन शर्मा, वित्त सलाहकार बृजनंदन ठाकुर, वित्त पदाधिकारी डॉ संजय कुमार सिन्हा, सीसीडीसी डॉ अब्दुस सत्तार, परीक्षा नियंत्रक डॉ रीना नीलिमा लकड़ा, परीक्षा ओएसडी डॉ इंद्रनील मंडल, पीआरओ दीपक कुमार समेत अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे.

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Published by: Binay kumar

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