सत्संग को जीवन का आधार बताया: स्वामी भागीरथी दास

मुड़ियार गांव में संतमत सत्संग का 34वां वार्षिक अधिवेशन संपन्न

सरैयाहाट. प्रखंड के मुड़ियार गांव में दुमका जिला संतमत सत्संग का 34वां दो दिवसीय वार्षिक अधिवेशन श्रद्धा और भक्ति के वातावरण में संपन्न हुआ. बुधवार से शुरू इस सत्संग में सुबह भजन-कीर्तन, संत स्तुति, गुरु विनती और पवित्र ग्रंथों का पाठ हुआ, जबकि अपराह्न सत्र में रामचरितमानस पाठ और प्रवचन हुए. स्वामी भागीरथी दास जी महाराज ने कहा कि मानव शरीर दुर्लभ है और सत्संग के माध्यम से ही जीवन पूर्ण होता है. स्वामी प्रमोद जी महाराज ने शबरी चरित्र का वर्णन करते हुए बताया कि भगवान श्रीराम ने उनकी निस्वार्थ भक्ति स्वीकार कर यह संदेश दिया कि भक्ति में जाति या वर्ग का कोई स्थान नहीं है. कथावाचन में शबरी द्वारा बेर अर्पण की घटना का उल्लेख हुआ. अंतिम दिन पोड़ैयाहाट विधायक प्रदीप यादव ने कहा कि संतमत सत्संग आत्मशुद्धि और मानवता का पाठ पढ़ाता है. अधिवेशन में दुमका, गोड्डा, पाकुड़, बिहार और बंगाल से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे और महाप्रसाद ग्रहण किया. आयोजन दुमका जिला संतमत सत्संग समिति द्वारा स्वामी अरण्यानंद भिक्षु महाराज के सानिध्य में हुआ.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Rakesh kumar

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >