साढ़े तीन साल के अंदर हादसों में 800 लोगों की गयी जान

इस साल छह माह में 125 लोग गंवा चुके हैं अपने प्राण

दुमका. दुमका जिले में औसतन हर माह 20 लोग अपनी जान सड़क हादसों में गंवा देते हैं. जिले का यह आंकड़ा संताल परगना के शेष पांच जिलों में से सबसे अधिक रहता है. यानी कि जिले में अन्य जिलों के अपेक्षाकृत अधिक हादसे होते हैं और जानें भी अधिक जाती है. साल 2022 से लेकर अब तक लगभग आठ सौ लोगों की जान जाने की वजह केवल सड़क हादसे ही रही है. इनमें से अधिकांश में लोग की जान इसलिए भी चली गयी कि जान गंवानेवालों ने हेलमेट नहीं पहन रखा था. ओवरस्पीड में चल रहे थे. इस साल यानी 2025 के प्रारंभिक छह माह में 125 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि अब तक 2024 में दुमका जिले में 210 लोगों की जानें गयी थीं, जबकि 2023 में दुमका में 261 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी थी, जबकि 2022 में हादसों में जान गंवाने वाले की संख्या 201 ही थी. 2024 और 2025 में जिले की पुलिस ने कई तरह के जागरुकता अभियान चलाया, खुद एसपी पीतांबर सिंह खेरवार ने तमाम कालेजों, हाइस्कूलों में किशोरों, युवाओं, छात्रों से संपर्क साधा. उनको सड़क हादसों से बचने के लिए जागरूक किया, छोटे-छोटे बच्चे के बीच पहुंचकर अपने पैरेंटस को बिना हेलमेट पहने बाइक लेकर न निकलने का अनुनय-विनती करने को कहा. बावजूद हादसे में कोई कमी नहीं आ रही. वर्ष 2025 महीना-हादसे में मौत जनवरी-30 फरवरी-21 मार्च-19 अप्रैल-13 मई-19 जून-17 जुलाई-05

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Rakesh kumar

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
और पढ़ें
Tags

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >