समीक्षा की सरकार की मंशा पर महासभा ने उठाये सवाल, जताया विरोध

दुमका परिसदन में मांझी परगना सरदार महासभा की प्रमंडलीय बैठक आयोजित हुई, जिसमें जामताड़ा, देवघर, दुमका, पाकुड़, साहिबगंज और गोड्डा के पदाधिकारी और संताल बुद्धिजीवी शामिल हुए। बैठक में संताल सिविल रूल्स 1946 और संताल परगना जस्टिस रेगुलेशन 1893 के सरकार द्वारा समीक्षा एवं संशोधन पर गहन चर्चा हुई। सदस्यों ने माना कि सरकार इन कानूनों को गलत मंशा से बदलना चाहती है, जिससे संताल एवं पहाड़िया समुदाय के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं। सामाजिक पदों पर गैर-समाज के अतिक्रमण पर चिंता जताई गई और समीक्षा प्रक्रिया में मांझी एवं पदाधिकारियों की उपेक्षा पर असंतोष व्यक्त किया गया। आगामी 15 नवंबर के बाद इन दोनों कानूनों पर एक संयुक्त बैठक दुमका में आयोजित करने का निर्णय लिया गया।

प्रमंडलीय बैठक में एससीआर 1946, एसपीजेआर 1893 पर की चर्चा संताल परगना के सभी जिलों से पहुंचे मांझी परगना सरदार महासभा के पदाधिकारी संवाददाता, दुमका. मांझी परगना सरदार महासभा की प्रमंडलीय बैठक दुमका परिसदन में आयोजित की गयी. बैठक की अध्यक्षता जामताड़ा जिले के कुंडहित प्रखंड के हराधन मुर्मू ने की. बैठक का संचालन प्रेमचंद किस्कू ने किया. बैठक में जामताड़ा, देवघर, दुमका, पाकुड़, साहिबगंज, गोड्डा के मांझी बाबा एवं अन्य पदाधिकारी, संताल समाज के बुद्धिजीवी शामिल हुए. बैठक में संताल सिविल रूल्स 1946 और संताल परगना जस्टिस रेगुलेशन 1893 पर सरकार द्वारा समीक्षा एवं संशोधन पर गहन चर्चा की गयी. इन दोनों कानूनों पर संताल परगना के सभी छह जिलों के अपर समाहर्ता द्वारा जो समीक्षा रिपोर्ट प्रमंडलीय आयुक्त को भेजी गयी है, उस पर भी मंथन किया गया. इन दोनों कानूनों पर सभी जिलों से आए मांझी एवं बुद्धिजीवियों से मंतव्य एवं सुझाव लिए गए. मंतव्य और सुझाव के उपरांत यह निष्कर्ष निकलकर आया कि सरकार बेवजह इन दोनों कानूनों पर गलत मंशा से समीक्षा कर रही है. दोनों कानूनों पर समीक्षा से तात्पर्य है कि सरकार संताल एवं पहाड़िया के लिए बने कानून में संशोधन कर उन्हें खत्म करना चाहती है. सामाजिक पद पर गैर लोगों के अतिक्रमण पर चिंता व्यक्त की गयी और कड़ा विरोध किया गया. कहा गया कि सरकारी पदाधिकारियों ने अंचलों और जिलों में समीक्षा के समय 95 प्रतिशत मांझी एवं अन्य पदधारियों को नहीं बुलाया. समीक्षा बैठक में वैसे लोगों को बुलाया गया जो संताल एवं पहाड़िया समाज के विषय पर कुछ भी नहीं जानते. इसलिए ऐसे लोगों से सुझाव मांगकर सही रिपोर्ट नहीं भेजा गया. यह भी निर्णय लिया गया कि इन दोनों कानूनों पर संताल परगना के सभी जिलों की एक वृहद संयुक्त बैठक आगामी 15 नवंबर के बाद दुमका में आयोजित की जाएगी. इस प्रमंडलीय बैठक में जामताड़ा से राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित शिक्षक एवं मांझी परगाना सरदार महासभा के संरक्षक सुनील कुमार बास्की, मांझी परगाना सरदार महासभा के जामताड़ा जिला अध्यक्ष सुनील कुमार हांसदा, बिर मांझी हराधन मुर्मू, समाज सेवी लेबेन हांसदा, मांझी सीताराम मुर्मू, दुमका से मांझी बाबा इंग्लिशलाल मरांडी, मांझी सुशील मरांडी, मांझी मिसिल हांसदा, मांझी रामसुंदर हेम्ब्रम, रुसोराम बास्की, साहिबगंज से छोटो हांसदा आदि मौजूद थे.

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Published by: Anand jaswal

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