चिचरो और घासीपुर के बीच जल्द बने नया पुल, पक्की सड़क बनाने की भी हो पहल

प्रभात खबर संवाद में ग्रामीणों ने उठाया आवागमन संकट का मुद्दा

काठीकुंड. काठीकुंड प्रखंड की बड़तल्ला पंचायत के चिचरो और घासीपुर गांव के बीच वर्षों पुराना छिलका पुल अब ग्रामीणों की सबसे बड़ी चिंता बन चुका है. बुधवार को आयोजित प्रभात संवाद कार्यक्रम में ग्रामीणों ने इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया. लोगों ने बताया कि चिचरो, हिरूडीह, जोड़ाआम, शिखरपाड़ा सहित कई गांवों के लोगों के लिए काठीकुंड बाजार और सरकारी कार्यालय तक पहुंचने का यही मुख्य मार्ग है, लेकिन यह पुल अब पूरी तरह से जर्जर हो चुका है. बारिश के चलते पुल के नीचे कटाव तेजी से हो रहा है. वहीं एक ओर से गार्डवाल भी टूट चुका है. पुल पर गड्ढा बन चुका है. लोहे की छड़ें तक नजर आने लगी हैं. ग्रामीणों ने मिट्टी और पत्थर भरकर किसी तरह दोपहिया वाहनों और पैदल चलने वालों के लिए रास्ता बना रखा है. चारपहिया वाहन इस पार ही रुक जाते हैं और यात्रियों को एक किलोमीटर पैदल चलकर दूसरी ओर पहुंचना पड़ता है. भारी बारिश की स्थिति में यह पुल कभी भी टूट सकता है, ऐसे में चिचरो और आसपास के गांवों का संपर्क बाजार व प्रशासनिक कार्यालयों से पूरी तरह कट सकता है. अगर पुल टूट गया तो ग्रामीणों को तेतुलमाठ या जोड़ाआम के रास्ते होकर आना-जाना पड़ेगा, जो न सिर्फ लंबा है, बल्कि काफी खराब रास्ता भी है. बरमसिया से घासीपुर तक की सड़क की हालत भी बदहाल है, जिससे लोगों को लंबे समय से अतिरिक्त परेशानी हो रही है. ग्रामीणों को आशंका है कि पुल लगातार हो रही बारिश में धंस जायेगी. चिंता जताया कि अगर ऐसा हो गया तो स्वास्थ्य संबंधी गंभीर मामलों के समय कही जान पर न बन आये. प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द इस जगह नये पुल और बरमसिया से घासीपुर तक पक्की सड़क का निर्माण कराया जाये. क्या कहते हैं ग्रामीण छिलका पुल से रोज गुजरना जान जोखिम में डालने जैसा है. अब तो लोहे की छड़ें भी दिखने लगी है. जल्द नया पुल बनाने की पहल प्रशासन करे. कार्तिक लोहार बारिश में पुल व सड़क दोनों जोखिम भरे हो जाते हैं. बच्चों और बुजुर्गों को काफी दिक्कत होती है, जिला प्रशासन से ठोस कार्रवाई की अपेक्षा है. नंदलाल राय चारपहिया गाड़ी पुल पार नहीं कर पाता है. मरीजों को अस्पताल तक पहुंचाना मुश्किल होता है. कच्ची सड़क भी दयनीय हो गयी है. लालमोहन राय जोड़ाआम होकर रास्ता लंबा और खराब है. मजबूरी में वही पकड़ना पड़ता है. नये पुल का निर्माण बहुत जरूरी है. प्रशासन पहल करे. तपन राय पुल टूटने से गांवों का बाजार और ब्लॉक से संपर्क कट जायेगा. पहले ही सड़क खराब है. अब पुल भी जवाब दे रहा है. पहल होनी चाहिए. बलजीत राय यहां पुल के साथ सड़क निर्माण भी जरूरी है. खासकर स्कूली बच्चों के लिए हर रोज इधर से गुजरना खतरनाक है. गउर राय अगर समय रहते मरम्मत नहीं हुई तो जानमाल का खतरा है. बरसात में हालात और बेकाबू हो रहे है. अमलाल राय महिलाओं और स्कूल जाने वाली बच्चियों के लिए यह रास्ता बेहद खतरनाक बन चुका है. सरकार को इसे प्राथमिकता देनी चाहिए. शीला देवी

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Published by: Rakesh kumar

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