पुतलीडाबर के 4000 हेक्टेयर बंजर भूमि पर होगा पौधरोपण

झारखंड के कमजोर समुदायों में स्थित ग्रामीणों की सामाजिक-आर्थिक एवं पारिस्थितिक सहनशीलता को मजबूत करना है. क्षेत्र के 4000 हेक्टेयर बंजर ऊपरी भूमि का पुनर्स्थापन करना है.

बासुकिनाथ. एफसीएफ (फिट क्लाइमेट फाउंडेशन) और फेयर क्लाइमेट फण्ड द्वारा जरमुंडी प्रखंड स्थित पुतलीडाबर पंचायत भवन में शुक्रवार को स्थानीय हितधारक परामर्श बैठक की गयी. यह बैठक मुखिया बुधनी देवी के नेतृत्व में हुई. किसानों को उन्नत खेती के बारे में जानकारी दी गयी. उमेश दास ने बताया कि इसमें वर्तमान परियोजना का उद्देश्य झारखंड के कमजोर समुदायों में स्थित ग्रामीणों की सामाजिक-आर्थिक एवं पारिस्थितिक सहनशीलता को मजबूत करना है. क्षेत्र के 4000 हेक्टेयर बंजर ऊपरी भूमि का पुनर्स्थापन करना है. इस पहल में गहन वृक्षारोपण, मिट्टी एवं जल संरक्षण तथा आजीविका संवर्धन को शामिल करते हुए एक समेकित पद्धति अपनायी गयी है. एफसीएफ के साथ मिलकर इस परियोजना के माध्यम से छोटे किसानों को उनके खेतों में एग्रोफॉरेस्ट्री लागू करने में सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है. एक सामाजिक उद्यम के रूप में, पंजीकृत किसानों के सहयोग से एक कार्बन परियोजना विकसित कर रहा है, जो किसानों को जलवायु सहनशीलता विकसित करने के साथ-साथ कार्बन क्रेडिट की बिक्री से अतिरिक्त आय अर्जित करने में भी सक्षम बनाएगा. परियोजना के विवरण साझा करते समय हितधारकों द्वारा सार्थक चर्चा की गयी. बैठक में स्थानीय किसान, महिला मंडल की दीदी, मुखिया बुधनी हांसदा विभाग के अधिकारीगण उमेश दास, रक्षित मंडल, दिनेश मंडल, सुमित्रा राय, खुशबू देवी सहित बड़ी संख्या में स्थानीय किसान मौजूद थे.

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By BINAY KUMAR

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