प्रतिनिधि, रानीश्वर: प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न गांवों में धान की फसल पर तना छेदक और फंगास कीट का प्रकोप बढ़ने से किसानों की मुश्किलें बढ़ गयी हैं. इस साल अच्छी बारिश होने के कारण धान की रोपनी भी बेहतर हुई है, लेकिन फसल में कीट लगने से किसान अब परेशान हैं.
सादीपुर गांव के किसान दिलीप महतो ने बताया कि धान के पौधों के बीचोंबीच कीड़ा लगकर तने को नुकसान पहुंचा रहा है. इसके बाद पौधे का पत्ता पहले लाल रंग का हो जाता है और धीरे-धीरे सूखकर पौधा मर जाता है. जिस खेत में कीट का प्रकोप हुआ है, वहां धीरे-धीरे इसका असर बढ़ता जा रहा है.
20 बीघा जमीन पर कीट का प्रकोप
पाथरा गांव के किसान शेख रियाज ने बताया कि उन्होंने लीज पर करीब 20 बीघा जमीन लेकर धान की खेती की है. कमोवेश सभी खेतों में कीट का प्रकोप देखने को मिल रहा है.
उन्होंने बताया कि खेती में काफी मेहनत और खर्च किया गया है. ऐसे समय में फसल में कीट लगने से चिंता बढ़ गयी है. अगर समय रहते इसका नियंत्रण नहीं किया गया तो किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है.
पिछले साल भी हुआ था भारी नुकसान
बिलकांदी गांव के किसान लालमोहन महतो ने बताया कि पिछले साल भी धान की फसल में कीट का प्रकोप हुआ था. इसके कारण खेत के खेत धान की फसल खराब हो गयी थी. पुआल के साथ धान भी बर्बाद हो गया था, जिससे किसानों को काफी नुकसान उठाना पड़ा था.
एक किसान ने बताया कि धान का बीज डालने के समय जमीन को अच्छी तरह तैयार नहीं करने और बीजोपचार नहीं करने से भी फसल में कीट का प्रकोप बढ़ सकता है. किसानों ने समय रहते विभाग से आवश्यक दवा उपलब्ध कराने की मांग की है.
कृषि विभाग ने माना, कई गांवों से मिल रही शिकायत
प्रभारी प्रखंड कृषि पदाधिकारी प्रदीप कोठरीवाल ने बताया कि धान की फसल में कीट लगने की शिकायतें मिल रही हैं. क्षेत्र के कई गांवों के किसानों ने फसल में कीट लगने की जानकारी दी है.
उन्होंने बताया कि फिलहाल धान की फसल में तना छेदक और फंगास जैसी बीमारी का प्रकोप देखा जा रहा है. इसके नियंत्रण के लिए कीटनाशक का छिड़काव करना होगा. कृषि विभाग से कीटनाशक दवा उपलब्ध होते ही किसानों को उपलब्ध करा दी जाएगी.
प्रभारी प्रखंड कृषि पदाधिकारी के अनुसार इस साल प्रखंड क्षेत्र में करीब 80-90 प्रतिशत धान की रोपनी हुई है. ऐसे में फसल को कीट के प्रकोप से बचाना किसानों के लिए बेहद जरूरी है.
