गोपीकांदर. सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बुधवार को केंद्र सरकार की निक्षय पोषण योजना के तहत कार्यक्रम आयोजित किया गया. कार्यक्रम के अंतर्गत क्षय रोग (टीबी) से पीड़ित मरीजों को राइज अगेंस्ट हंगर इंडिया नामक एनजीओ की ओर से पौष्टिक आहार किट का वितरण किया गया. इस दौरान कुल 63 टीबी मरीजों को पोषण किट प्रदान की गयी. कार्यक्रम का उद्देश्य टीबी रोगियों को पोषण संबंधी सहायता उपलब्ध कराना है, ताकि वे बेहतर प्रतिरोधक क्षमता के साथ अपना उपचार पूरा कर सकें और शीघ्र स्वस्थ हो सकें. योजना के तहत पात्र मरीजों को प्रतिमाह 1000 रुपये की वित्तीय सहायता डीबीटी के माध्यम से दी जाती है. वहीं स्थानीय स्तर पर इस प्रकार के कार्यक्रमों के माध्यम से पौष्टिक आहार किट भी वितरित की जाती है. कार्यक्रम में वरीय उपचार पर्यवेक्षक आशीष पंजियारा ने विशेष रूप से भाग लिया. उन्होंने उपस्थित मरीजों एवं उनके परिजनों को क्षय रोग के लक्षणों और बचाव के उपायों की विस्तृत जानकारी दी. उन्होंने बताया कि दो सप्ताह से अधिक समय तक खांसी, बलगम में खून आना, सीने में दर्द, कमजोरी, वजन घटना, बुखार तथा रात में पसीना आना टीबी के प्रमुख लक्षण हो सकते हैं. ऐसे में समय पर जांच कराना अत्यंत आवश्यक है. उन्होंने कहा कि टीबी की दवाएं पूरी तरह मुफ्त उपलब्ध हैं और नियमित रूप से पूरा कोर्स लेने पर रोग पूरी तरह ठीक हो जाता है. दवा बीच में छोड़ने से मल्टी-ड्रग रेसिस्टेंट टीबी का खतरा बढ़ जाता है. उन्होंने मरीजों से नियमित दवा सेवन, पौष्टिक भोजन, स्वच्छता बनाए रखने, भीड़-भाड़ से बचने और मास्क के उपयोग की अपील की. इस अवसर पर स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा मरीजों को पौष्टिक आहार किट सौंपी गयी, जिसमें प्रोटीनयुक्त खाद्य पदार्थ, दालें, अनाज एवं विटामिन युक्त सामग्री शामिल थी. कार्यक्रम का उद्देश्य राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन लक्ष्य को प्राप्त करने में सहयोग करना है. सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गोपीकांदर के अधिकारियों ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में टीबी के प्रति जागरूकता बढ़ाने और मरीजों को बेहतर सहायता उपलब्ध कराने के लिए इस प्रकार के कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाते हैं.
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