चार माह से एनआरएचएम कर्मियों का मानदेय भुगतान लंबित, डीसी से गुहार

अनुबंध कर्मचारी संघ की अध्यक्ष विनीता कुमारी ने बताया कि स्वास्थ्यकर्मी लगातार बिना मानदेय के सेवाएं दे रही हैं, जिससे उन्हें गंभीर आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.

दुमका. राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत अनुबंध पर कार्यरत महिला स्वास्थ्य कर्मियों को बीते चार माह से मानदेय नहीं मिला है. कागजी खामियों के कारण वेतन भुगतान अटका होने से परेशान कर्मियों ने मंगलवार को उपायुक्त को आवेदन सौंपकर जल्द भुगतान की मांग की है. अनुबंध कर्मचारी संघ की अध्यक्ष विनीता कुमारी ने बताया कि स्वास्थ्यकर्मी लगातार बिना मानदेय के सेवाएं दे रही हैं, जिससे उन्हें गंभीर आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. उन्होंने कहा कि इस बार मानदेय का बिल कोषागार से पास होना है. आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर बिल भेज दिया गया, लेकिन तकनीकी खामियों के कारण भुगतान अब तक नहीं हो सका. उन्होंने बताया कि राज्य के सभी 23 जिलों में एनआरएचएम कर्मियों का भुगतान हो चुका है, जबकि दुमका में मामला अब भी लंबित है. लगातार कार्यालयों के चक्कर लगाने के बावजूद समाधान नहीं निकलने पर अंततः उपायुक्त से गुहार लगायी गयी है. स्थिति इतनी गंभीर हो गयी है कि कई एएनएम को किराया नहीं दे पाने के कारण मकान खाली करने की नौबत आ गयी है. पारिवारिक भरण-पोषण में भी भारी दिक्कतें आ रही हैं. संघ की ओर से यह भी बताया गया कि पहले डीसीएलआर को भुगतान के लिए अधिकृत किया गया था, लेकिन बाद में यह अधिकार भी वापस ले लिया गया, जिससे स्थिति और जटिल हो गयी है. कर्मियों का कहना है कि कोषागार स्तर पर अटकी प्रक्रिया के कारण पूरा भुगतान लंबित है. उपायुक्त से आग्रह किया गया है कि वे हस्तक्षेप कर जल्द मानदेय का भुगतान सुनिश्चित कराएं, ताकि स्वास्थ्य कर्मी बिना मानसिक तनाव के अपने दायित्वों का निर्वहन कर सकें.

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Published by: Binay kumar

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