हंसडीहा में ओवरब्रिज न बनने से सावन-भादो में कांवरियों को भी होगी परेशानी

चार साल लगभग पूरा होने के बावजूद मुख्य सड़क पर रेलवे का ओवरब्रिज नहीं बन पाया है. वाहनों के साथ-साथ लोगों का पैदल तक गुजरना दूभर हो गया है.

हंसडीहा. बिहार-झारखंड को जोड़नेवाले दुमका-भागलपुर रोड एसएच-17 पर हंसडीहा के पास रेलवे द्वारा ओवरब्रिज निर्माण अब तक पूरा नहीं कराया जा सका है. लगभग चार साल से काम चल रहा है. इस ओवरब्रिज को लेकर बनाये गये डायवर्सन की हालत बदतर है, जिससे वाहनों के साथ-साथ लोगों का पैदल तक गुजरना दूभर हो गया है. इस वर्ष सावन-भादो में डायवर्सन होकर गुजरने वाले कांवरियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा. डायवर्सन पर बने छोटे-बड़े गड्ढों के साथ उखड़े नुकीले पत्थरों से गुजरते हुए बाबा बासुकिनाथ धाम जाने वाले कांवरियों को काफी परेशानी होगी. रेलवे द्वारा दुमका मुख्य मार्ग पर हंसडीहा मोहनपुर रेलखंड के गेट संख्या-50 पर ओवरब्रिज बनाने का कार्य लगभग चार वर्ष से चल रहा है. यहां बना डायवर्सन जर्जर तो है ही, गड्ढों में तब्दील भी हो चुका है. इस सड़क पर प्रतिदिन हजारों की संख्या में भारी वाहन यथा- ट्रक, हाइवा के साथ-साथ बसें, चार पहिया वाहन, ऑटो रिक्शा, टोटो व बाइक गुजरते हैं. यह मुख्य सड़क अंतरराज्यीय सीमा पर भागलपुर व बांका के साथ गोड्डा-ललमटिया से जुड़ा हुआ है. इन दिनों हल्की बारिश के साथ ही डायवर्सन में वाहन फंस जा रहे हैं. इस स्थिति में काफी देर तक वाहनों का जाम लग जाया करता है. जानकारी के अनुसार यह कार्य रेल मंडल कार्यालय आसनसोल के अंतर्गत हो रहा है. संवेदक द्वारा काफी धीमी गति से कार्य किया जा रहा है. कार्यस्थल पर निर्माण को लेकर संवेदक या किसी रेलवे अधिकारी का बोर्ड भी नहीं लगा है, जिससे किसी प्रकार की जानकारी प्राप्त की जा सके. रेलवे को व्यस्त इस मुख्य मार्ग को प्राथमिकता के साथ जल्द निर्माण कराने की आवश्यकता है, ताकि सावन में कांवरियाें को सुविधा व सुगमता हो पाए.

क्या कहते हैं लोग :

डायवर्सन पर गुजरते वक्त काफी डर लगा रहता है. चार साल से बन रहा ओवरब्रिज पूरा नहीं हुआ है. डायवर्सन के गड्डे में भी टेम्पो उलटने का डर लगा रहता है.

– असगर अंसारी, टेम्पो चालक

यह डायवर्सन खतरनाक हो गया है. बड़े-बड़े गड्ढों और जर्जर रहने से वाहनों के आवागमन में बहुत परेशानी होती है. दुर्घटना होने का डर बना रहता है. पानी का छिड़काव नियमित नहीं होता.

– जानकी दास, पगवारा

इस रेलखंड में रेलगाड़ी का परिचालन तो शुरू कर दिया. लेकिन चार साल में ओवरब्रिज का निर्माण पूरा नहीं हो सका. डायवर्सन की बदतर स्थिति से सावन में कांवरियों को बहुत परेशानी होना है. प्रशासन को ध्यान देने की जरूरत है.

– मृणाल राउत, धनबै

डायवर्सन की जो दिनोंदिन स्थिति बन रही है, उससे इस राह में सावन माह में गुजरने वाले डाक बम व कांवरियों को काफी दिक्कतें होने वाली है. जिला प्रशासन को इसे दुरुस्त कराने की आवश्यकता है.

– मिथिलेश सिंह.B

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By ANAND JASWAL

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