18 साल बाद भी आलगपाथर गांव का नहीं हुआ कायाकल्प, प्राथमिक विद्यालय पांच साल से है शिक्षक विहीन

हेलीकॉप्टर दुर्घटना में बाल-बाल बचे थे तत्कालीन शिक्षामंत्री बंधु तिर्की. ग्रामीणों के समक्ष आश्वासनों की झड़ी लगा दी थी.

रानीश्वर. प्रखंड के मयुराक्षी नदी के दक्षिण इलाके में गोबिंदपुर पंचायत का एक गांव है आलगपाथर. इसे मोहुलपुर के नाम से भी जाना जाता है. अठारह साल पहले तत्कालीन शिक्षा मंत्री व अन्य रांची से हेलीकॉप्टर से रानीश्वर फुटबॉल मैदान में एक कार्यक्रम को संबोधित करने के लिए उड़ान भरे थे. इसी क्रम में आलगपाथर गांव के बाहर मैदान में तत्कालीन शिक्षा मंत्री बंधु तिर्की का हेलीकाप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया था. हेलीकॉप्टर में सवार पूर्व शिक्षा मंत्री के अलावा अन्य नेता व दो पायलट घायल हो गये थे. दुर्घटना के तुरंत बाद ग्रामीण एकजुट होकर दुर्घटना स्थल पर पहुंचे थे और संभी घायलों को हेलीकॉप्टर से निकाल कर सुरक्षित जगह पर ले जाकर जान बचायी थी. बाद में तत्कालीन उपायुक्त मस्तराम मीणा व अन्य पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी ने पहुंच कर सभी को सिउड़ी सदर अस्पताल पहुंचाया था. दुर्घटना के तुरंत बाद शिक्षामंत्री बंधु तिर्की ने गांव में एक अच्छा अस्पताल, स्कूल, काली मंदिर आदि बनवा देने का आश्वासन दिया था. पर यहां से जाने के बाद ग्रामीणों के सामने आश्वासन सिर्फ कोरा आश्वासन ही बन कर रह गया. आलगपाथर गांव से दोनों ओर पांच-पांच किलोमीटर की दूरी पर बाबुगंज प्राथमिक स्वास्थ्य उपकेंद्र है, जो अक्सर बंद ही रहता है. दूसरी ओर आमजोड़ा में एक प्राथमिक स्वास्थ्य उपकेंद्र के अलावा एक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र है. स्वास्थ्य उपकेंद्र नियमित खुलता ही नहीं है. प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र डॉक्टर विहीन है. ग्रामीणों को चिकित्सा सुविधा से वंचित रहना पड़ता है. गांव में एक प्राथमिक विद्यालय है जो 2020 से शिक्षकविहीन है. दूसरे स्कूल से एक पारा शिक्षक प्रतिनियुक्त किया गया है. गांव पहुंचने के लिए लकड़ाबिंधा से पक्की सड़क गांव के आधे हिस्से तक बनाया गया है. दूसरी ओर चांपाफुली की ओर से कच्ची सड़क है. आलगपाथर गांव पार करके मसानजोर डैम से कोलारकोंदा दिगुली ग्रामीण जलापूर्ति योजना का पाइप बिछाया गया है पर आलगपाथर गांव को इससे वंचित रखा गया है. गांव में जलापूर्ति का पाइप नहीं बिछाया गया है. वर्तमान स्वास्थ्य मंत्री से ग्रामीणों काे उम्मीद है कि पंचायत में तीन-तीन स्वास्थ्य केंद्र पर डाॅक्टर व अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाए, ताकि ग्रामीणों को साधारण इलाज के लिए बाहर जाना नहीं पड़े. वहीं स्कूल में शिक्षक पदस्थापित किया जाय.

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Published by: Rakesh kumar

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