एमपी-एमएलए कोर्ट में दो विधायक हुए पेश, केस के सूचक को अभियोजन ने किया पक्षद्रोही घोषित

सूचक ने कहा-घटना के बारे में मालूम नहीं, एसडीओ पहले से टाइप कराकर आवेदन दिए और कहे इस पर साइन कर दो

दुमका कोर्ट. पोड़ैयाहाट विधायक प्रदीप यादव व सारठ के पूर्व विधायक रणधीर सिंह शुक्रवार को एमपी-एमएलए कोर्ट के विशेष में पेश हुए. न्यायाधीश सह एसडीजेएम मोहित कुमार चौधरी की अदालत में सड़क जाम करने के केस में गवाही हुई. सूचक की गवाही हुई. हालांकि केस के सूचक देवघर के तत्कालीन श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी सुधीर कुमार मोदी ने न्यायालय में यह कह दिया कि उन्हें घटना के बारे में कुछ मालूम नहीं है. उस समय के अनुमंडल पदाधिकारी राम नारायण ने पहले से आवेदन बना रखे थे. तब उनका आंख का ऑपरेशन हुआ था. इस कारण सही से देख नहीं पाये कि आवेदन में क्या लिखा है और हस्ताक्षर कर दिया. उनके बयान पर अभियोजन ने सूचक श्री मोदी को पक्षद्रोही करार दिया. अगली तिथि 16 अप्रैल को निर्धारित की गयी. मामला कि 15 सितंबर 2010 का है. जब देवघर में सुखाड़ क्षेत्र घोषित करने की मांग को लेकर तत्कालीन झाविमो के विधायक प्रदीप यादव व रणधीर सिंह के नेतृत्व में सड़क जाम किया गया था. जाम को लेकर लोगों को परेशानी हुई थी. दंडाधिकारी के रूप में तैनात सूचक श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी सुधीर कुमार मोदी ने लोक संपत्ति अधिनियम के तहत 12 नामजद समेत 200 अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराया था. मामले में एक अन्य आरोपी प्रमोद विद्यार्थी की रिहाई हो चुकी है. केस के अन्य पूरक अभिलेख में सूचक की गवाही हुई.

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Author: RAKESH KUMAR

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