रानीश्वर: मसानजोर डैम से निकाली गई मयुराक्षी बायांतट मुख्य नहर एक बार फिर से लीकेज हो जाने के कारण चर्चा में है. नहर में रिसाव की समस्या सामने आने के बाद एहतियातन पिछले दो दिनों से नहर से पानी की सप्लाई पूरी तरह बंद कर दी गई है.
नुड़ुईबाथान के पास दोबारा मिला लीकेज
सिंचाई विभाग से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, मुख्य नहर के नुड़ुईबाथान के समीप एक बार फिर से पानी का लीकेज सामने आया है, जिसके चलते नहर की आपूर्ति रोकनी पड़ी है. विभाग का कहना है कि लीकेज की मरम्मती का कार्य पूरा होने के बाद ही नहर में दोबारा पानी छोड़ा जाएगा. हालांकि, पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण फिलहाल खेतों को सिंचाई के लिए पानी की कोई विशेष आवश्यकता नहीं है, जिससे किसानों को तत्काल राहत मिली है.
अगस्त महीने में भी तीन जगहों पर हुआ था लीकेज
गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब इस नहर में इस तरह की तकनीकी समस्या उत्पन्न हुई हो. बीते अगस्त महीने में भी मुख्य नहर के कुल तीन अलग-अलग स्थानों पर लीकेज हो गया था, जिसकी मरम्मत कराने के बाद पानी छोड़ा गया था. उस दौरान मसानजोर पुराना थाना के पीछे, नुड़ुईबाथान और बांदरकोंदा के पास नहर में पानी का रिसाव देखा गया था. हैरानी की बात यह है कि एक बार फिर उसी नुड़ुईबाथान के समीप ही मुख्य नहर में लीकेज उभर आया है.
गुणवत्ता पर उठ रहे सवाल: दस साल पहले ही हुआ था पक्कीकरण
स्थानीय जानकारों के मुताबिक, मसानजोर डैम से निकलने वाली इस मयुराक्षी बायांतट मुख्य नहर का लगभग 20 किलोमीटर लंबा हिस्सा करीब दस साल पहले सिंचाई विभाग के कमांड एरिया डेवलपमेंट (कैड) योजना के तहत पक्का (पक्कीकरण) कराया गया था. इसके बावजूद बार-बार पक्कीकरण क्षेत्र में ही ढलाई के नीचे पानी लीकेज हो जाने से विभाग को बार-बार मरम्मत कार्य कराना पड़ रहा है, जो निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर बड़े सवाल खड़े करता है.
