रामगढ़. रोजगार की तलाश में श्रमिकों के अत्यधिक पलायन को रोकने के उद्देश्य से प्रशासन द्वारा चिह्नित रामगढ़ प्रखंड के कंजवे पंचायत स्थित मोहनपुर मैदान में बुधवार को आपनार आतो कामी कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में जामा विधायक डॉ लोईस मरांडी मुख्य अतिथि जबकि प्रखंड प्रमुख बाबूलाल मुर्मू विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित थे. बीडीओ कमलेंद्र कुमार सिन्हा ने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा मजदूरों के पलायन से सर्वाधिक प्रभावित पंचायतों को चिह्नित किया गया है, जिसमें रामगढ़ प्रखंड के कंजवे एवं बौडिया पंचायत शामिल हैं. चयनित पंचायतों में स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराने एवं आवश्यकता के अनुरूप प्रशिक्षण देने के उद्देश्य से आपनार आतो कामी कार्यक्रम की शुरुआत की गयी है. कार्यक्रम में क्षेत्र के सैकड़ों युवक-युवतियां, महिलाएं एवं मनरेगा श्रमिक शामिल हुए. विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों के माध्यम से लाभार्थियों को योजनाओं की जानकारी, मार्गदर्शन तथा पंजीयन की सुविधा एक ही स्थान पर उपलब्ध करायी गयी. श्रम विभाग के स्टॉल पर 226 लोगों का प्रवासी मजदूर के रूप में निबंधन किया गया, जिससे उन्हें विभिन्न श्रम कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिल सके. वहीं कल्याण गुरुकुल के लिए 92 युवक-युवतियों का निबंधन किया गया, ताकि उन्हें भविष्य में कौशल एवं रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण से जोड़ा जा सके. मनरेगा उन्नति स्टॉल पर मजदूरों को मनरेगा से संबंधित जानकारी दी गयी तथा रोजगार के अवसरों पर परामर्श किया गया. कृषि विभाग द्वारा किसानों को उन्नत कृषि तकनीक, बीज एवं विभागीय योजनाओं की जानकारी दी गयी. वहीं पशुपालन एवं मत्स्य विभाग के स्टॉलों पर पशुपालन, बकरी पालन, मुर्गी पालन एवं मत्स्य पालन से जुड़ी स्वरोजगार योजनाओं की जानकारी देकर इच्छुक लाभार्थियों का पंजीयन किया गया. इस अवसर पर विधायक डॉ लोईस मरांडी द्वारा प्रतीकात्मक रूप से वृद्धावस्था पेंशन के 8 लाभार्थियों, विधवा सम्मान योजना के 2 लाभार्थियों, 6 श्रमिकों को मनरेगा जॉब कार्ड तथा 12 लाभार्थियों को श्रम कार्ड प्रदान किए गए. ग्रामीणों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि आपनार आतो कामी कार्यक्रम ग्रामीण युवाओं, श्रमिकों और महिलाओं को रोजगार से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक सशक्त पहल है, जिससे पलायन पर रोक लगेगी. वहीं प्रखंड प्रमुख बाबूलाल मुर्मू ने ग्रामीणों से सरकारी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने और आत्मनिर्भर झारखंड के संकल्प को साकार करने में सहभागी बनने की अपील की. कार्यक्रम का समापन स्थानीय मुखिया चार्लेस बेसरा के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ.
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