महर्षि मेंहीं आश्रम में ध्यान साधना व सत्संग शिविर प्रारंभ

सत्संग के दौरान पवित्र ग्रंथ सत्संग योग कठोपनिषद से पाठ किया गया. इसके बाद अपराह्न काल में ध्यान, भजन एवं कीर्तन का आयोजन हुआ.

प्रतिनिधि, दुमका नगर दुमका स्थित महर्षि मेंहीं आश्रम में सात दिवसीय ध्यान साधना शिविर एवं संतमत सत्संग कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया. पहली पाली में ध्यान, भजन और संतमत सत्संग के माध्यम से श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक साधना से जोड़ा गया. सत्संग के दौरान पवित्र ग्रंथ सत्संग योग कठोपनिषद से पाठ किया गया. इसके बाद अपराह्न काल में ध्यान, भजन एवं कीर्तन का आयोजन हुआ. इसमें श्री भूषण जी व दिनेश जी ने सत्संग प्रवचन प्रस्तुत किये. इस सत्र में रामचरितमानस से पाठ करते हुए बताया गया कि सत्संग करने से मनुष्य के पापों का नाश होता है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है. कार्यक्रम में भागलपुर के कुप्पाघाट से आये पूज्य स्वामी सुबोधानंद महाराज ने कहा कि मनुष्य को सदैव सदाचार का पालन करना चाहिए. सत्संग को अपने जीवन का अभिन्न अंग बनाना चाहिए. वहीं महर्षि मेंहीं पुसारो आश्रम के व्यवस्थापक स्वामी अरण्यानंद महाराज ने बताया कि सात दिवसीय कार्यक्रम में देश के विभिन्न आश्रमों से कई महात्मा एवं संत पधारे हैं. उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में दिव्यानंद जी महाराज, निरंजनानंद जी महाराज एवं परमानंद जी महाराज उपस्थित हैं. यह आध्यात्मिक आयोजन हर वर्ष 25 दिसंबर से 31 दिसंबर तक आयोजित किया जाता है. कार्यक्रम में दुमका समेत विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु भाग लेकर ध्यानाभ्यास व सत्संग का लाभ उठा रहे हैं. पूरे आश्रम परिसर में भक्ति, शांति और आध्यात्मिक वातावरण बना है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By ANAND JASWAL

ANAND JASWAL is a contributor at Prabhat Khabar.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >