पर्यटन स्थल मसानजोर में नहीं है एक भी सरकारी अस्पताल, इमरजेंसी में रानीश्वर जाते हैं मरीज

मसानजोर पर्यटन स्थल में चिकित्सा व्यवस्था न होने से पर्यटकों की जान खतरे में है. अस्पताल जर्जर और डॉक्टर विहीन है, जिससे स्थानीय लोग और पर्यटक परेशान हैं.

रानीश्वर : पर्यटन स्थल मसानजोर में झारखंड सरकार की ओर से चिकित्सा के लिए कोई व्यवस्था नहीं है. किन्हीं पर्यटक की यहां अचानक यदि तबीयत बिगड़ जाती है तो उन्हें इलाज के लिए यहां से 30 किलोमीटर दूर दुमका सदर अस्पताल या 15 किलोमीटर दूर सीएचसी रानीश्वर पहुंचाना पड़ेगा. प्रथम पंचवर्षीय योजना के तहत मसानजोर में 1955-56 में डैम बनाया गया था. तत्कालीन बिहार राज्य के जमीन पर बनाये गये डैम वर्तमान में झारखंड में स्थित है. डैम का मैनेजमेंट पश्चिम बंगाल सरकार के अधीन है.

डैम बनने के समय सूरक्षा के मद्देनजर बिहार सरकार की ओर से एक पुलिस चौकी बनाया गया था. एक डाकघर भी बना था. पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से डैम कर्मियों के चिकित्सा सुविधा के लिए एक छोटा अस्पताल भी बनाया गया था. जिसमें एक डॉक्टर व अन्य चिकित्सा कर्मी भी पदस्थापित किये गये थे. इसके अलावा डैम कर्मियों के बच्चों को प्राथमिक शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से एक प्राथमिक विद्यालय बनाया गया था.

डैम में पश्चिम बंगाल सरकार की विद्युत विभाग व सिंचाई विभाग के कर्मियों की संख्या धीरे-धीरे घटते चले जाने से और बहुत सारे कर्मियों के अब मसानजोर के बदले सिउड़ी शिफ्ट हो जाने के कारण और स्कूल में पदस्थापित शिक्षकों के सेवानिवृत्त हो जाने के बाद नये शिक्षक नहीं बहाल किए गए हैं. इस वजह से पश्चिम बंगाल सरकार का प्राथमिक स्कूल 2004-05 से बंद हो गया है. फिलहाल अस्पताल तो है, लेकिन वर्ष 2001 के बाद से यहां डाक्टर पदस्थापित नहीं किया गया है. वर्तमान में एक एएनएम व दो कांट्रैक्ट कर्मी कार्यरत हैं.

अस्पताल भवन भी जर्जर स्थिति में है. जानकारी के अनुसार, यह अस्पताल पश्चिम बंगाल सरकार के सिंचाई विभाग के अधीन संचालित है. विभाग की ओर से उचित ध्यान नहीं दिए जाने के कारण इसकी स्थिति दयनीय हो चुकी है. स्थानीय लोगों ने बताया कि वर्ष 2000 से पहले मसानजोर अस्पताल काफी सक्रिय और व्यवस्थित था. यहां डैम कर्मियों के अलावा दुमका जिले के दुमका, रानीश्वर और मसलिया प्रखंड क्षेत्रों के लोगों का भी मुफ्त इलाज किया जाता था.

मसानजोर एक प्रमुख पर्यटन स्थल है, जहां अक्सर वीआईपी और पर्यटकों का आना-जाना लगा रहता है. इसके बावजूद यहां चिकित्सा सुविधा की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है. मसानजोर में झारखंड सरकार के सिंचाई विभाग का एक निरीक्षण भवन, पश्चिम बंगाल सरकार के सिंचाई विभाग का एक बंगला, पश्चिम बंगाल सरकार का एक यूथ हॉस्टल, पर्यटन विभाग का रिसॉर्ट, वन विभाग का कॉटेज, जिला परिषद की ओर से निर्मित एक रेस्टोरेंट-सह-होटल (जो गैर-सरकारी प्रबंधन के अधीन है) तथा कई निजी होटल मौजूद हैं.

रात के समय यहां ठहरे किसी वीआईपी या पर्यटक की तबीयत बिगड़ जाने पर प्राथमिक उपचार की भी समुचित व्यवस्था उपलब्ध नहीं है. उल्लेखनीय है कि हाल ही में झारखंड सरकार के सिंचाई विभाग के निरीक्षण भवन में अपने तीन दोस्तों के साथ ठहरे रांची के एक डॉक्टर की शनिवार रात मौत हो गई थी. जानकारी के अनुसार, पूर्व में भी पश्चिम बंगाल सरकार के बंगले में ठहरे एक पर्यटक की रात में हृदयाघात से मृत्यु हो चुकी है.


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Author: Sadhan sen

Published by: Amleshnandan Sinha

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