बासुकिनाथ मंदिर में बाबा फौजदारीनाथ की हुई भव्य महाआरती

अनुष्ठान की शुरुआत स्वस्तिवाचन से की गयी. महाआरती की ज्योत से सभी नकारात्मक ऊर्जा का समूल नाश होता है.

बासुकिनाथ. माघ मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा उपरांत द्वितीया तिथि के उपलक्ष्य पर बासुकिनाथ मंदिर प्रांगण में फौजदारी बाबा की भव्य महाआरती आयोजित की गयी. बासुकिनाथ पंडा समाज द्वारा आयोजित इस महाआरती पर वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच बाबा फौजदारीनाथ की पूजा अराधना और महाआरती की गयी. कार्यक्रम की शुरुआत स्वस्तिवाचन से की गयी. गणेश वंदना के पश्चात महाआरती के लिए पवित्र अग्निशिखाएं प्रज्ज्वलित कर फौजदारी बाबा भगवान नागेश की भव्य महाआरती प्रारंभ हुई, तो इस श्रद्धालु भक्तों ने बाबा फौजदारीनाथ की मुक्त कंठ से स्तुति गाकर और करताली देकर आकंठ भक्ति में झूमते नज़र आए. माघ मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि के साथ गुप्त नवरात्रि के उपलक्ष्य पर बासुकिनाथ मंदिर आदिशक्ति माता पार्वती और भगवान भोलेनाथ की भक्ति में शिवभक्त एकाकार दिखायी दिए. भव्य महाआरती के आयोजन को लेकर पंडा समाज ने बताया कि महाआरती की ज्योत से सभी नकारात्मक ऊर्जाओं का समूल नाश होता है और अंधकारमय जीवन के अंतस में इष्ट के लिए प्रकाशमय भक्ति सतत जागरण होता है. महाआरती का शाब्दिक सार यह है कि जीव और ब्रह्म के अंतर्मिलन से जन्म जन्मांतर के पाप मिट जाते हैं और आराधक को अराध्य के सामीप्य की अनुभूति होती है. बासुकिनाथ मंदिर परिसर में आयोजित भव्य महाआरती के दौरान शिव तांडव, शिव महिमा स्त्रोत, भोलेनाथ की स्तुति गायी गयी. कर्पूर पूरित पवित्र अग्नि की दीपशिखाओं से मंदिर प्रांगण, दिव्य हो उठा. महाआरती के क्रम में बाबा फौजदारीनाथ के जयघोष से पूरा मंदिर प्रांगण गुंजायमान हो उठा.

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Published by: Binay kumar

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