जिले में मां मनसा पूजा की धूम, गांव व शहर में दिखा भक्तिमय माहौल

भक्तों ने मां विषहरी देवी की प्रतिमा स्थापित कर पूजा की. श्रद्धालुओं ने दिनभर उपवास रखकर मां से परिवार की सुख-समृद्धि, रोगमुक्ति और सुरक्षा की कामना की.

प्रभात खबर टोली, दुमका

शहर में सोमवार को आस्था और श्रद्धा के वातावरण में मां मनसा की पूजा-अर्चना संपन्न हुई. शहर के विभिन्न मोहल्लों और मंदिरों में भक्तों ने मां विषहरी देवी की प्रतिमा स्थापित कर पूजा की. श्रद्धालुओं ने दिनभर उपवास रखकर मां से परिवार की सुख-समृद्धि, रोगमुक्ति और सुरक्षा की कामना की. पूजा पंडालों में सुबह से ही भक्तों की भीड़ उमड़ती रही. जगह-जगह भजन-कीर्तन का आयोजन हुआ. देर शाम कई स्थानों पर प्रतिमाओं का विसर्जन नम आंखों से किया गया. शिकारीपाड़ा प्रखंड के पर्वतपुर, राजबांध, जामकांदर, असना और सरसाजोल सहित कई गांवों में श्रद्धा और उल्लास के साथ मां मनसा की पूजा की गयी. पलासी और राजबांध में रविवार रात मनसा मंगल के गान कार्यक्रम का आयोजन हुआ. वहीं कुलकुलीडंगाल, पाकदहा, बरमसिया और ढाका गांव में श्रद्धालुओं ने अपने-अपने घरों में घट स्थापित कर पूजा-अर्चना की. सोमवार को बकरे की बलि के साथ पूजा संपन्न हुई.

मसलिया के रंगामटिया में लगा मेला

मसलिया प्रखंड क्षेत्र के रंगामटिया गांव में पारण के दिन परंपरा के अनुसार भव्य मेले का आयोजन हुआ. वर्षों से यहां युवा समिति की देखरेख में मेला लगता है. पहले यहां बलिप्रथा के तहत पूजा होती थी, लेकिन समय के साथ अब इसे निरामिष रूप दिया गया है. गांव और आसपास के इलाके के महिला-पुरुष और बच्चे मेले में पहुंचे और माता का दर्शन कर मेला का आनंद लिया.काठीकुंड में भजन-कीर्तन के बाद बंटा प्रसाद

काठीकुंड प्रखंड के विभिन्न गांवों में मां मनसा की पूजा बड़े ही उत्साह और भक्ति भाव से की गयी. भक्तों ने रविवार को उपवास रखकर मां की आराधना की और सोमवार को प्रसाद ग्रहण किया. गांव-गांव में प्रतिमा स्थापित कर विशेष पूजा-अर्चना की गयी. कई जगहों पर भजन-कीर्तन और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी हुए. सोमवार को कई गांवों में प्रतिमाओं का विसर्जन कर दिया गया, जबकि काठीकुंड बाजार में हाट की वजह से प्रतिमा का विसर्जन मंगलवार को किया जायेगा.गोपीकांदर में नम आंखों से प्रतिमा का विसर्जन

गोपीकांदर प्रखंड के मां मनसा मंदिर परिसर में सोमवार को विशेष मंत्रोच्चार के बीच पूजा सम्पन्न हुई. सुबह प्रतिमा के समक्ष कबूतर और बकरे की बलि दी गई. इसके बाद श्रद्धालुओं ने मां से मनोकामना पूरी होने की प्रार्थना की. देर शाम मां मनसा की प्रतिमा का विसर्जन तिरुपतिया नदी में नम आंखों से किया गया. इस दौरान ढोल और डीजे की धुन पर लोग थिरकते नजर आए. मौके पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे.

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By ANAND JASWAL

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