भगवान राम की कथा समाज को अनुशासन व प्रेम का देती है संदेश

शिवशक्ति नौ कुंडीय महायज्ञ व रामकथा के छठे दिन मनाया भगवान राम का जन्मोत्सव. रामकथा का श्रवण करने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु जमा हुए.

बासुकिनाथ. जरमुंडी प्रखंड के कुशमाहा बाराटांड़ मैदान में मंगलवार को विश्व कल्याणार्थ व समाज में सुख-शांति व समृद्धि के लिए यज्ञ के छठे दिन, वैदिक रीति-रिवाजों और रामकथा का श्रवण करने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु जमा हुए. बनारस से पहुंचे यज्ञाचार्य हरेंद्र शास्त्री महाराज, उनके सहयोगी पियूष द्विवेदी, अरविन्द पाण्डेय द्वारा हवन कुंड में आहुति दिलायी गयी. काशी बनारस से पहुंचे कथावाचक अजय परासर महाराज द्वारा कथा में शिव शक्ति महायज्ञ में भगवान राम की जन्म कथा सुनायी गयी. इसमें कथावाचक ने राजा दशरथ के अश्वमेध यज्ञ और प्रसाद वितरण से रानियों के गर्भवती होने और चैत्र शुक्ल पक्ष की नवमी को भगवान राम के जन्म का वर्णन किया. कथावाचक ने कहा कि भगवान राम की कथा हमारे समाज को अनुशासन और प्रेम का संदेश देती है. जिन घरों में भगवान राम एवं श्रीकृष्ण तथा अन्य देवताओं की कथा का गुणगान होता है, उन परिवारों में हमेशा सुख-शांति बरसती है. राम, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न जैसे भाइयों से हमें गुण सीखने चाहिए. इस दौरान रामलला का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया. श्रद्धालु राम जन्म की खुशी में अपने-अपने घर से केक, वस्त्र, मिष्ठान्न लेकर पहुंचे. कथावाचक ने रामलला का जन्मोत्सव केक काटकर मनाया. इस दौरान खूब अबीर-गुलाल उड़े. साथ ही सभी भक्त श्रीराम के भजनाें पर जमकर थिरके. मौके पर यज्ञ के संचालन में मुखिया दामोदर गृही, बरुण कुमार मिश्रा, संजीत यादव, उदित कुमार मिश्रा, कृपाशंकर मिश्रा, कांग्रेस राय, जगदीश मंडल, महाराजी राउत, राजेंद्र राय, भरत कापरी सहित दर्जनों सदस्य लगे हुए हैं.

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By BINAY KUMAR

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