मयूराक्षी साहित्यिक मंच ने आयोजित की काव्य गोष्ठी

गोष्ठी का पहला सत्र समकालीन विषयों पर विमर्श को समर्पित रहा, जिसमें प्रतिभागी कवियों ने सारगर्भित विचार रखे. दूसरे सत्र में कविता पाठ हुआ, जिसकी शुरुआत अमरेंद्र सुमन ने की.

निरंतर बढ़ रही है दुमका की साहित्यिक उर्वरता : शंभुनाथ संवाददाता, दुमका मयूराक्षी साहित्यिक मंच के तत्वावधान में काव्य गोष्ठी का आयोजन मंच के सचिव अरुण सिन्हा के आवास पर किया गया. अध्यक्षता शंभुनाथ मिस्त्री ने की, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ रामवरन चौधरी उपस्थित थे. गोष्ठी का पहला सत्र समकालीन विषयों पर विमर्श को समर्पित रहा, जिसमें प्रतिभागी कवियों ने सारगर्भित विचार रखे. दूसरे सत्र में कविता पाठ हुआ, जिसकी शुरुआत अमरेंद्र सुमन ने की. राजीव नयन तिवारी, नवीन ठाकुर, दुर्गेश चौधरी, अशोक सिंह, धर्मेंद्र पांडेय, रोहित अंबष्ठ, उत्तम डे, केशव सिन्हा, अमित झा और अंजनी शरण जैसे कवियों की रचनाओं ने श्रोताओं को प्रभावित किया. अरुण सिन्हा की मुक्तछंद कविताएं और डॉ रामवरण चौधरी की अंगिका रचनाएं कार्यक्रम की विशेष उपलब्धि रहीं. समापन सत्र में अध्यक्ष श्री मिस्त्री द्वारा प्रेम विषयक गीत की प्रस्तुति को खूब सराहा गया. उन्होंने कहा कि दुमका की साहित्यिक उर्वरता निरंतर विस्तार पा रही है. कार्यक्रम में सामूहिक संकलन की घोषणा भी की गयी. धन्यवाद ज्ञापन अरुण सिन्हा ने प्रस्तुत किया.

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By ANAND JASWAL

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