सुरक्षा के साये में काली पूजा मेला शांतिपूर्वक संपन्न, ग्रामीणों ने ली राहत

दुमका जिले के लखनपुर गांव में हुए दो दिवसीय काली पूजा मेले का शांतिपूर्वक समापन हुआ। पिछले वर्षों में हुई हिंसक घटनाओं के कारण इस बार मेले के आयोजन को लेकर ग्रामीणों में हिचक थी। प्रशासन, सामाजिक और राजनीतिक कार्यकर्ताओं ने सुरक्षा का भरोसा दिलाकर ग्रामीणों को मेला आयोजित करने के लिए मनाया। मेले का प्रबंधन गिरिधारी मंडल ने अपने नाम किया। प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करते हुए पूरे क्षेत्र को सात सुरक्षा खंडों में बांटा और दंडाधिकारी तथा पुलिस बल तैनात किए। मेले में बाहरी व्यापारी भी आए और मनोरंजन की व्यवस्था थी। परंपरागत काली पूजा की यह परंपरा लगभग 150 वर्ष पुरानी है। इस बार स्थानीय लोगों की भीड़ कम रही, पर मेला सफल रहा।

कुछ वर्षों से हिंसक घटनाओं के कारण मेला के आयोजन से था परहेज प्रतिनिधि, रामगढ़. दुमका जिले के रामगढ़ और गोड्डा जिले के पोड़ैयाहाट प्रखंड की सीमा पर स्थित लखनपुर गांव में आयोजित दो दिवसीय काली पूजा मेले का बुधवार को शांतिपूर्वक समापन हो गया. मेले के सफल आयोजन से ग्रामीणों और प्रशासन दोनों ने राहत की सांस ली है. पिछले कुछ वर्षों में लखनपुर मेले में हुई हिंसक घटनाओं के कारण इस बार कुछ ग्रामीणों ने मेला आयोजित करने से परहेज किया था. सुरक्षा व्यवस्था की कमी को देखते हुए आमसभा में सैरात बंदोबस्ती के लिए बोली लगाने से भी ग्रामीणों ने इंकार कर दिया था. प्रशासनिक अधिकारियों, सामाजिक और राजनीतिक कार्यकर्ताओं तथा पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने ग्रामीणों को समझाया और समुचित सुरक्षा व्यवस्था का आश्वासन दिया. इसके बाद ग्रामीणों ने मेला आयोजित करने पर सहमति दी और दूसरे दिन आमसभा का पुनः आयोजन कर सैरात बंदोबस्ती की प्रक्रिया पूरी की गयी. गिरिधारी मंडल ने सर्वाधिक बोली लगाकर मेले की बंदोबस्ती अपने नाम की. प्रशासन ने पूरे मेला क्षेत्र को सात सुरक्षा क्षेत्रों में विभाजित किया और प्रत्येक क्षेत्र में दंडाधिकारी की प्रतिनियुक्ति की गई. सुबह छह बजे से रात दस बजे तक आठ-आठ घंटे की शिफ्ट में कनीय अभियंता, राजस्व उप निरीक्षक, पंचायत सचिव और ग्राम रोजगार सेवकों को दंडाधिकारी के रूप में तैनात किया गया. उनके साथ पर्याप्त संख्या में पुलिस बल भी मौजूद था. रामगढ़ बाजार से लखनपुर मेला क्षेत्र तक सड़क पर भ्रमणशील दंडाधिकारी और पुलिस गश्ती की व्यवस्था भी की गई थी. लखनपुर का काली पूजा मेला संताल परगना क्षेत्र में लकड़ी, पत्थर और लोहे के कृषि उपकरणों, घरेलू सामानों और औजारों के लिए प्रसिद्ध है. यहां की परंपरा लगभग 150 वर्ष पुरानी है और काली पूजा संताल समाज द्वारा पारंपरिक विधि से संपन्न की जाती है. सुरक्षा चिंताओं के बावजूद इस वर्ष भी बड़ी संख्या में बाहरी व्यापारी अपनी दुकानें लेकर पहुंचे. मेले में मनोरंजन के साधन भी उपलब्ध थे. हालांकि स्थानीय लोगों की भीड़ पिछले वर्षों की तुलना में इस बार कुछ कम रही.

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Published by: Anand jaswal

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