दुमका से रिपोर्ट आदित्यनाथ पत्रलेख
Dumka News: झारखंड की पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) तदाशा मिश्रा शुक्रवार को विश्व प्रसिद्ध बाबा बासुकिनाथ धाम पहुंचीं, जहां उन्होंने बाबा फौजदारीनाथ के दरबार में विधिवत पूजा-अर्चना कर राज्य की सुख-समृद्धि, शांति और जनकल्याण की कामना की. इस दौरान उन्होंने आगामी श्रावणी मेला 2026 की सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा भी की और अधिकारियों को श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं बेहतर सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए. डीजीपी के आगमन को लेकर सुबह से ही मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे. पुलिस बल की अतिरिक्त तैनाती के साथ पूरे परिसर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो.
वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हुआ पूजन
मंदिर पहुंचने पर डीजीपी तदाशा मिश्रा ने सबसे पहले गंगाजल से संकल्प लिया. इसके बाद उन्होंने बाबा फौजदारीनाथ के गर्भगृह में प्रवेश कर जलाभिषेक किया और पूरे विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की. पूजन के दौरान मंदिर के 11 सदस्यीय पंडितों के समूह ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच षोडशोपचार विधि से पूजा संपन्न कराई. पूजा के बाद डीजीपी ने मंदिर परिसर स्थित दसमहाविद्या देवी मंदिर में भी दर्शन-पूजन किया और आरती में शामिल होकर आशीर्वाद प्राप्त किया. धार्मिक अनुष्ठान के दौरान मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ रही, जबकि सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह सतर्क रही.
डीआईजी और एसपी ने किया सम्मानित
पूजा-अर्चना के उपरांत संतालपरगना प्रक्षेत्र के डीआईजी अंबर लकड़ा और दुमका के पुलिस अधीक्षक पीतांबर सिंह खेरवार ने बाबा फौजदारीनाथ का प्रतीकात्मक चित्र भेंट कर डीजीपी तदाशा मिश्रा का सम्मान किया. इस अवसर पर पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे. अधिकारियों ने श्रावणी मेला की तैयारियों और सुरक्षा प्रबंधन से संबंधित महत्वपूर्ण बिंदुओं पर भी चर्चा की.
'बाबा बिना मांगे ही सब कुछ देते हैं'
मीडिया से बातचीत के दौरान डीजीपी तदाशा मिश्रा ने बाबा फौजदारीनाथ के प्रति अपनी गहरी आस्था व्यक्त करते हुए कहा, "बाबा सब जानते हैं. बाबा बिना मांगे ही सब कुछ देते हैं." उन्होंने कहा कि बाबा का आशीर्वाद पूरे राज्य पर बना रहे और झारखंड निरंतर विकास के मार्ग पर आगे बढ़ता रहे, यही उनकी प्रार्थना है.
श्रद्धालुओं की सुरक्षा पहली प्राथमिकता
डीजीपी ने कहा कि आगामी श्रावणी मेला में देशभर से लाखों श्रद्धालु बाबा बासुकिनाथ धाम पहुंचेंगे. ऐसे में उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना और जलार्पण की व्यवस्था को सुचारु बनाए रखना झारखंड पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता होगी. उन्होंने बताया कि मेला शुरू होने से पहले सभी संबंधित अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक की जाएगी. यदि कहीं किसी प्रकार की कमी पाई जाती है तो उसे समय रहते दूर कर लिया जाएगा, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े.
एआई तकनीक से होगी सुरक्षा पर निगरानी
डीजीपी तदाशा मिश्रा ने बताया कि इस वर्ष श्रावणी मेला की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक आधुनिक बनाया गया है. पूरे मेला क्षेत्र में पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती रहेगी और सुरक्षा प्रबंधन में आधुनिक तकनीक का व्यापक उपयोग किया जाएगा. उन्होंने कहा कि इस बार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित तकनीक के माध्यम से भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष निगरानी रखी जाएगी. इससे किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत नजर रखी जा सकेगी और आवश्यकता पड़ने पर त्वरित कार्रवाई संभव होगी. उन्होंने कहा कि तकनीक और पुलिस बल के बेहतर समन्वय से श्रद्धालुओं को सुरक्षित एवं व्यवस्थित वातावरण उपलब्ध कराया जाएगा.
अधिकारियों के साथ की समीक्षा बैठक
मंदिर में दर्शन और पूजा-अर्चना के बाद डीजीपी कुछ समय के लिए वन विभाग के विश्रामागार पहुंचीं. वहां उन्होंने पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों के साथ श्रावणी मेला की तैयारियों, सुरक्षा प्रबंधन, यातायात व्यवस्था और भीड़ नियंत्रण जैसे विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की. बैठक में अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए, ताकि मेले के दौरान किसी भी स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके.
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कई अधिकारी और गणमान्य लोग रहे मौजूद
डीजीपी के दौरे के दौरान एसडीपीओ नवल किशोर सिंह, मेजर रमेश कुमार मंडल, पुलिस निरीक्षक दयानंद साह, कुंदन पत्रलेख, मनोज पंडा, सारंग झा, कुंदन झा, कुणाल झा सहित पुलिस विभाग के कई अधिकारी एवं स्थानीय गणमान्य लोग उपस्थित रहे. डीजीपी के इस दौरे को आगामी श्रावणी मेला 2026 की तैयारियों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है. उनके दौरे से यह संकेत भी मिला कि इस बार श्रद्धालुओं की सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन और आधुनिक तकनीक के उपयोग पर विशेष जोर दिया जाएगा, ताकि लाखों श्रद्धालु सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से बाबा फौजदारीनाथ के दर्शन एवं जलार्पण कर सकें.
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