बच्चों की वृद्धि निगरानी व कुपोषण जांच को लेकर सेविकाओं को मिला प्रशिक्षण

प्रतिभागियों को बच्चों की लंबाई एवं वजन मापने की सही विधि, पोषण स्थिति के वर्गीकरण तथा गंभीर कुपोषित बच्चों की पहचान व रेफरल प्रक्रिया की जानकारी दी.

शिकारीपाड़ा. प्रखंड परिसर में बच्चों की वृद्धि निगरानी व कुपोषण जांच को लेकर आंगनबाड़ी सेविकाओं के लिए प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया. शिविर में प्रशिक्षक चाइल्ड इन नीड इंस्टीट्यूट के प्रतिनिधि मनोज कुमार ने बताया कि इस प्रशिक्षण शिविर का मुख्य उद्देश्य कुपोषण की पहचान, बच्चों की नियमित वृद्धि निगरानी तथा प्रभावी रेफरल प्रणाली को सुदृढ़ करना है. इस क्रम में उन्होंने बच्चों की कुपोषण जांच से संबंधित विभिन्न तकनीकी एवं व्यावहारिक पहलुओं पर विस्तृत जानकारी दी. इस दौरान इस दौरान सिनी के प्रखंड प्रतिनिधि देवेंद्र गुप्ता ने प्रतिभागियों को बच्चों की लंबाई एवं वजन मापने की सही विधि, पोषण स्थिति के वर्गीकरण तथा गंभीर कुपोषित बच्चों की पहचान व रेफरल प्रक्रिया की जानकारी दी. प्रशिक्षक विकास कुमार ने प्रतिभागियों को सरल भाषा में विषयवस्तु की जानकारी दी तथा उन्हें व्यावहारिक अभ्यास भी कराया गया. कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बीडीओ एजाज आलम ने कहा कि बच्चों की वृद्धि निगरानी सप्ताह व कुपोषण जांच शिविर कार्यक्रम बच्चों के स्वास्थ्य तथा भविष्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है. उन्होंने प्रतिभागियों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने कार्यक्षेत्र में इस अभियान को गंभीरता एवं पूर्ण निष्ठा के साथ संचालित करें ताकि कुपोषण की समय पर पहचान हो सके तथा बच्चों को उचित उपचार एवं पोषण सेवाएं मिल सकें. मौके पर सिनि के विनोद कुमार, ललिता टुडू, अनुराग कुमार तथा आंगनबाड़ी सेविकाएं उपस्थित थीं.

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Published by: Binay kumar

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