दुमका में ग्राम प्रधान की प्रधानी पहले हुई रद्द, अब अवैध निर्माण पर चला बुलडोजर

दुमका के शिकारीपाड़ा में सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा करने के आरोप में पूर्व ग्राम प्रधान सोम हेम्ब्रम के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है. जेसीबी मशीन से उनका मकान और चहारदीवारी ढहा दिया गया.

आनंद जायसवाल

Dumka News: दुमका जिले के शिकारीपाड़ा प्रखंड में सरकारी गैरमजरूआ जमीन पर अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है. बुधवार को अंचल अधिकारी कपिल देव ठाकुर के नेतृत्व में राजस्व विभाग की टीम ने जेसीबी मशीन की मदद से अवैध रूप से बने मकान और चहारदीवारी को ध्वस्त कर दिया.

तीन कट्ठा सरकारी जमीन पर कब्जे का आरोप

जानकारी के अनुसार, ताराचुआं गांव के पूर्व ग्राम प्रधान सोम हेम्ब्रम पर करीब तीन कट्ठा सरकारी गैरमजरूआ भूमि पर कब्जा कर मकान और चहारदीवारी बनाने का आरोप था. इस मामले को लेकर ग्रामीण लंबे समय से अंचल कार्यालय में शिकायत कर रहे थे. शिकायतों की जांच और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने का फैसला लिया.

जेसीबी से हटाया गया अतिक्रमण

बुधवार को अंचल अधिकारी कपिल देव ठाकुर प्रशासनिक टीम के साथ मौके पर पहुंचे. उनकी मौजूदगी में जेसीबी मशीन से अवैध निर्माण को ध्वस्त कर सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया गया. कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर मौजूद रहे.

पहले रद्द हुई ग्राम प्रधानी

प्रशासन के अनुसार, सरकारी जमीन पर अतिक्रमण के मामले को गंभीर मानते हुए अंचल अधिकारी ने पहले ही अनुमंडल पदाधिकारी को सोम हेम्ब्रम के खिलाफ कार्रवाई की अनुशंसा की थी. इसके बाद एसडीओ ने उनकी ग्राम प्रधानी भी रद्द कर दी थी.

अतिक्रमण पर जारी रहेगी कार्रवाई

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सरकारी भूमि पर किसी भी तरह का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. ऐसे मामलों में नियमानुसार कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी. शिकारीपाड़ा में हुई यह कार्रवाई पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है.

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By Amleshnandan Sinha

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