मसानजोर की ढलान पर बार-बार हो रहे सड़क हादसे

दर्जनों हादसे में कई लोगों की जान जा चुकी है, इसके बावजूद प्रशासन और पथ निर्माण विभाग की ओर से अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गयी है.

रानीश्वर. मसानजोर डैम के नीचे झारखंड सरकार के सिंचाई विभाग के निरीक्षण भवन के समीप से बस पड़ाव तक का क्षेत्र सड़क दुर्घटनाओं का हॉटस्पॉट बन चुका है. बीते वर्षों में इस मार्ग पर लगातार हो रही दुर्घटनाओं में दर्जनों हादसे में कई लोगों की जान जा चुकी है, इसके बावजूद प्रशासन और पथ निर्माण विभाग की ओर से अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गयी है. जहां हाल ही में ट्रक दुर्घटना हुई, उसी स्थान से लगभग 200 फीट ऊपर सिंचाई विभाग के निरीक्षण भवन के पास दो दिन पूर्व खल्ली लदा एक ट्रक दुर्घटनाग्रस्त हुआ था. इससे पहले भी कोयला लदा एक ट्रक सड़क किनारे कंक्रीट की रेलिंग तोड़ते हुए पलट गया था. करीब एक वर्ष पूर्व मकई लदा ट्रक पलटने से बिखरे बोरे के नीचे दबकर कई पर्यटकों की मौत हो गयी थी, जबकि कई अन्य घायल हुए थे. मसानजोर बस पड़ाव के समीप वर्ष 2022 में हुए भीषण सड़क हादसे में रानीश्वर के उपप्रमुख और एक पारा शिक्षक की मौके पर ही मौत हो गयी थी. इसके अलावा बस पड़ाव क्षेत्र और मसानजोर ढलान पर धाजापाड़ा के समीप भी कई बार गंभीर सड़क दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, जिनमें कई लोगों की जान गयी है. वर्ष 2022 में एक ही दुर्घटना में दो लोगों की मौत के बाद जिला प्रशासन, पथ निर्माण विभाग, सड़क सुरक्षा विभाग और पुलिस ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया था. उस समय दुर्घटनाएं कम करने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था और रानीबहाल–बांदरकोंदा से जीतपुर होते हुए बाइपास सड़क निर्माण को लेकर भी चर्चा हुई थी, लेकिन बाद में मामला ठंडे बस्ते में चला गया. स्थानीय लोगों का कहना है कि मसानजोर डैम की पूर्व दिशा में बस पड़ाव की ओर ढलान के साथ तीखा मोड़ होने के कारण भारी वाहन, विशेषकर लोडेड ट्रक, बार-बार अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो जाते हैं. इसी प्रकार हिल टॉप पार करने के बाद धाजापाड़ा के समीप भी ढलान और तीखे मोड़ के कारण हादसे होते रहते हैं. अतिक्रमण भी बन रहा बड़ी समस्या : पर्यटन स्थल मसानजोर में डैम और सड़क की सरकारी जमीन पर लगातार अवैध अतिक्रमण बढ़ता जा रहा है. डैम प्रबंधन और प्रशासन की उदासीनता के कारण बाहरी लोग अवैध रूप से दुकानें लगाकर व्यवसाय कर रहे हैं. डैम के मुख्य गेट के पास अधिक भीड़ होने पर सड़क किनारे फुटपाथ पर राहगीरों के लिए खड़े होने तक की जगह नहीं बचती. करीब दो महीने पहले दुमका के अंचलाधिकारी अमर कुमार और मसानजोर थाना प्रभारी अवधेश कुमार की मौजूदगी में डैम के सामने स्थित कई झोपड़ियों को जेसीबी से हटाया गया था. हालांकि पक्की दुकानों को नहीं तोड़ा गया. इसके बाद अतिक्रमण करने वाले करीब 28 दुकानदारों को अंचल कार्यालय से नोटिस देकर बुलाया गया, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है.

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By Binay kumar

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